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स्वच्छ गंगा नदी बचाओ अभियान का श्रीगणेश
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देवप्रयाग। द ग्रेट ग्लोबल क्लीन अप मिशन के तहत देवप्रयाग से गंगा सागर तक स्वच्छ गंगा नदी बचाओ अभियान का शुभारंभ किया गया। अलकनंदा भागीरथी संगम से शुरू हुए अभियान को पद्मश्री डा. अनिल जोशी ने हरी झंडी दिखाई।
इस मौके पर बस स्टेशन से संगम तक गंगा बचाने का संदेश देते हुए रैली निकाली गई। इसमें जीआईसी देवप्रयाग के एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवी, राजकीय बालिका इंटर कालेज, सरस्वती शिशु मंदिर, जीआईसी आईडीपीएल के छात्र छात्राओं ने भागीदारी की।
शनिवार को शुरू हुए अभियान में दल के सदस्य देवप्रयाग से हरिद्वार की यात्रा 9 दिन में करेंगे। दल को रवाना करते हुए डा. जोशी ने कहा कि भारत में 1000 नदियां सूखने की कगार पर हैं। यदि हम गंगा नदी को लेकर आज गंभीर नही होंगे, तो आने वाली पीढियां हमको माफ नही करेगी। आने वाली पीढ़ी को गंगा का स्वच्छ जल मिले इसके लिये आज चिंता करनी होगी।
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गंगा बचाने विदेशी नही आयेंगे। हमको ही इसके लिए काम करना होगा। उन्होंने नगर पालिका कार्यालय से संगम व आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गये कपड़ों को एक स्थान पर एकत्रित करने की अपील की।
जोशी ने बताया कि वह गंगा बचाने के लिए अक्टूबर में अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इसके तहत गंगा सागर से ऋषिकेश तक साइकिल यात्रा भी निकाली जाएगी।
इस मौके पर अर्थ द नेटवर्क के अनिल अरोड़ा ने कहा कि गंगा के जल जीवों को बचाने का भी अभियान शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे को गंगा में बहाए जाने से असंख्य जलजीवों के जीवन पर संकट बन गया है। इससे बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं। लोक पर्यावरण शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष श्यामलाल भाई ने बताया नौ दिवसीय अभियान का समापन 21 अप्रैल को हर की पैड़ी में जन संवाद और विशाल रैली के साथ होगा। अभियान में जनसंघर्ष मंच ऋषिकेश के अध्यक्ष गोपाल बत्रा की अगुवाई में 42 सदस्यीय दल भी शामिल हैं। कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष केके कोटियाल, डा. शेलेंद्र नारायण शास्त्री, राघवेंद्र पांडे, धर्मादेवी व अंजू सेमवाल आदि मौजूद थे।
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इस मौके पर बस स्टेशन से संगम तक गंगा बचाने का संदेश देते हुए रैली निकाली गई। इसमें जीआईसी देवप्रयाग के एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवी, राजकीय बालिका इंटर कालेज, सरस्वती शिशु मंदिर, जीआईसी आईडीपीएल के छात्र छात्राओं ने भागीदारी की।
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शनिवार को शुरू हुए अभियान में दल के सदस्य देवप्रयाग से हरिद्वार की यात्रा 9 दिन में करेंगे। दल को रवाना करते हुए डा. जोशी ने कहा कि भारत में 1000 नदियां सूखने की कगार पर हैं। यदि हम गंगा नदी को लेकर आज गंभीर नही होंगे, तो आने वाली पीढियां हमको माफ नही करेगी। आने वाली पीढ़ी को गंगा का स्वच्छ जल मिले इसके लिये आज चिंता करनी होगी।
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गंगा बचाने विदेशी नही आयेंगे। हमको ही इसके लिए काम करना होगा। उन्होंने नगर पालिका कार्यालय से संगम व आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गये कपड़ों को एक स्थान पर एकत्रित करने की अपील की।
जोशी ने बताया कि वह गंगा बचाने के लिए अक्टूबर में अभियान का दूसरा चरण शुरू होगा। इसके तहत गंगा सागर से ऋषिकेश तक साइकिल यात्रा भी निकाली जाएगी।
इस मौके पर अर्थ द नेटवर्क के अनिल अरोड़ा ने कहा कि गंगा के जल जीवों को बचाने का भी अभियान शुरू होगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरे को गंगा में बहाए जाने से असंख्य जलजीवों के जीवन पर संकट बन गया है। इससे बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं। लोक पर्यावरण शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष श्यामलाल भाई ने बताया नौ दिवसीय अभियान का समापन 21 अप्रैल को हर की पैड़ी में जन संवाद और विशाल रैली के साथ होगा। अभियान में जनसंघर्ष मंच ऋषिकेश के अध्यक्ष गोपाल बत्रा की अगुवाई में 42 सदस्यीय दल भी शामिल हैं। कार्यक्रम में नपा अध्यक्ष केके कोटियाल, डा. शेलेंद्र नारायण शास्त्री, राघवेंद्र पांडे, धर्मादेवी व अंजू सेमवाल आदि मौजूद थे।