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पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाय ऐतिहासिक व आध्यात्मिक देवलगढ़
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पौड़ी। गढ़ नरेश की राजधानी व सिद्धपीठ मां राजराजेश्वरी की भूमि देवलगढ़ को पर्यटन सर्किट से जोड़े जाने की मांग की गई है। इस बारे में प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने सर्किट से जोड़ने के लिए कई सुझाव भी ज्ञापन में दिए हैं।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति देवलगढ़ के संरक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट व अध्यक्ष कुंजिका प्रसाद उनियाल ने बताया कि पर्यटन व तीर्थाटन से पहाड़ के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से स्थायी रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रीनगर-खिर्सू-पौड़ी पर्यटन सर्किट विकसित करने की तैयारी कर चुकी है। इस पर्यटन सर्किट में सिद्धपीठ मां धारी देवी (कलियासौड़), कटुलस्यूं पट्टी स्थित सुमाड़ी गांव के मंदिर समूह, खोला गांव स्थित अष्टवक्रा महादेव को भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गढ़ नरेश अजयपाल की राजधानी, मां राजराजेश्वरी व माता गौरा देवी की भूमि देवलगढ़ को खासतौर पर इस सर्किट से जोड़े जाने की आवश्यकता है। देवलगढ़ में ऐतिहासिक राजगढ़ी, विभिन्न गुफाएं, सुरंग, भैरव गुफा व नाथ सिद्धों की प्राचीन समाधियां स्थित हैं। यहां सिद्धपीठ मां राजराजेश्वरी मंदिर, माता गौरा मंदिर के साथ स्वामी दत्तात्रेय मंदिर परिसर भी स्थित है। कहा कि सर्किट से इन स्थानों को जोड़ने पर जहां क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं देश व दुनिया के लोग इस क्षेत्र के पर्यटन, आध्यात्म, रहस्य व रोमांच का आनंद भी ले पाएंगे। उन्होंने देवलगढ़ में पर्यटन आवास गृह बनाए जाने, दत्तात्रेय मंदिर परिसर तक रेलिंग लगाने सहित अन्य मांगों के समाधान की मांग भी की। इस अवसर पर शिव प्रसाद, राजेश कुमार व रणजीत भंडारी आदि मौजूद थे।
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सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास समिति देवलगढ़ के संरक्षक नरेंद्र सिंह बिष्ट व अध्यक्ष कुंजिका प्रसाद उनियाल ने बताया कि पर्यटन व तीर्थाटन से पहाड़ के युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से स्थायी रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रीनगर-खिर्सू-पौड़ी पर्यटन सर्किट विकसित करने की तैयारी कर चुकी है। इस पर्यटन सर्किट में सिद्धपीठ मां धारी देवी (कलियासौड़), कटुलस्यूं पट्टी स्थित सुमाड़ी गांव के मंदिर समूह, खोला गांव स्थित अष्टवक्रा महादेव को भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गढ़ नरेश अजयपाल की राजधानी, मां राजराजेश्वरी व माता गौरा देवी की भूमि देवलगढ़ को खासतौर पर इस सर्किट से जोड़े जाने की आवश्यकता है। देवलगढ़ में ऐतिहासिक राजगढ़ी, विभिन्न गुफाएं, सुरंग, भैरव गुफा व नाथ सिद्धों की प्राचीन समाधियां स्थित हैं। यहां सिद्धपीठ मां राजराजेश्वरी मंदिर, माता गौरा मंदिर के साथ स्वामी दत्तात्रेय मंदिर परिसर भी स्थित है। कहा कि सर्किट से इन स्थानों को जोड़ने पर जहां क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं देश व दुनिया के लोग इस क्षेत्र के पर्यटन, आध्यात्म, रहस्य व रोमांच का आनंद भी ले पाएंगे। उन्होंने देवलगढ़ में पर्यटन आवास गृह बनाए जाने, दत्तात्रेय मंदिर परिसर तक रेलिंग लगाने सहित अन्य मांगों के समाधान की मांग भी की। इस अवसर पर शिव प्रसाद, राजेश कुमार व रणजीत भंडारी आदि मौजूद थे।
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