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राजनीति का अखाड़ा बना केंद्रीय विश्वविद्यालय: अन्नपूर्णा
Updated Thu, 19 Jul 2018 10:36 PM IST
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पौड़ी। हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रभारी कुलपति अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय फैकल्टी की भारी कमी से जूझ रहा है। 49 विभाग हैं, लेकिन किसी भी सब्जेक्ट में फैकल्टी पूरी नहीं हैं। विषयों को खोलने को लेकर राजनीतिक दबाव है। छात्र, कर्मचारी, शिक्षक हर कोई राजनीति करते हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर के निरीक्षण पर पहुंची प्रभारी कुलपति अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में राजनीतिक दबाव के चलते कई विषय खोल दिए गए हैं। अब बीबीए और एमएचएम पाठ्यक्रम स्वीकृत किए जाने की बात की जा रही है, लेकिन पहले ही हमारे पास फैकल्टी नहीं है, ऐसे में नए विषय खोलकर क्या होगा। उन्होंने कहा कि पौड़ी, टिहरी में भी फैकल्टी की कमी बनी है। उन्होंने बताया कि फैकल्टी की कमी स्थायी कुलपति के आने के बाद ही दूर हो सकेगी। इससे पहले प्रभारी कुलपति ने पौड़ी परिसर की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि परिसर में शैक्षिक माहौल में सुधार निदेशक की जिम्मेदारी है। केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसमें जो भी सहयोग बनेगा, किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों का प्रोफाइल बने। शोध पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। कुलपति से बातचीत के दौरान परिसर के निदेशक केसी पुरोहित, विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा व छात्र अधिष्ठाता प्रो. पीएस राणा आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर के निरीक्षण पर पहुंची प्रभारी कुलपति अन्नपूर्णा नौटियाल ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में राजनीतिक दबाव के चलते कई विषय खोल दिए गए हैं। अब बीबीए और एमएचएम पाठ्यक्रम स्वीकृत किए जाने की बात की जा रही है, लेकिन पहले ही हमारे पास फैकल्टी नहीं है, ऐसे में नए विषय खोलकर क्या होगा। उन्होंने कहा कि पौड़ी, टिहरी में भी फैकल्टी की कमी बनी है। उन्होंने बताया कि फैकल्टी की कमी स्थायी कुलपति के आने के बाद ही दूर हो सकेगी। इससे पहले प्रभारी कुलपति ने पौड़ी परिसर की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि परिसर में शैक्षिक माहौल में सुधार निदेशक की जिम्मेदारी है। केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसमें जो भी सहयोग बनेगा, किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों का प्रोफाइल बने। शोध पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। कुलपति से बातचीत के दौरान परिसर के निदेशक केसी पुरोहित, विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. अरुण बहुगुणा व छात्र अधिष्ठाता प्रो. पीएस राणा आदि मौजूद रहे।
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