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सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम को पलीता लगा रहे अफसर-compat
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:32 PM IST
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पौड़ी। जिले में सरकार के ‘जनता के द्वार’ कार्यक्रम को अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। शासन-प्रशासन के सख्त निर्देश के बावजूद जिले के 61 में से मात्र 16 अधिकारियों ने गांवों में जाकर ग्रामीणों की सुध ली। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने अधिकारियों के गांव में जाकर ग्रामीणों की शिकायतें न सुनने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसकी पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत मिली शिकायतों एवं उनके निस्तारण की विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले के 61 अधिकारियों में से कुल 16 अधिकारी ही गांवों में गए, जिन्हें विभिन्न विभागों की 36 शिकायतें मिली। इनमें से 32 शिकायतें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजी गई हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत गांव में रात्रि विश्राम कर लोगों की शिकायतें न सुनने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कार्यक्रम को गंभीरता से लें। आगे से इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक में बीएसएनएल के कार्यों की समीक्षा के दौरान जीपीओ से दूरस्थ गांवों को बीएसएनएल सेवा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि पौड़ी, खिर्सू, पाबौ, सतपुली और कोटद्वार में कार्यों में गति लाई जाए। इसके अलावा जहां पर सीएचसी नहीं खुली, वहां सीएचसी खोली जाए। बैठक में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एमएम खान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला मुख्य कृषि अधिकारी डा. देवेंद्र सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी हरेराम यादव, खुशाल सिंह, दीपक रावत, अभिनव रावत आदि मौजूद रहे।
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सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत मिली शिकायतों एवं उनके निस्तारण की विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले के 61 अधिकारियों में से कुल 16 अधिकारी ही गांवों में गए, जिन्हें विभिन्न विभागों की 36 शिकायतें मिली। इनमें से 32 शिकायतें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजी गई हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत गांव में रात्रि विश्राम कर लोगों की शिकायतें न सुनने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कार्यक्रम को गंभीरता से लें। आगे से इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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बैठक में बीएसएनएल के कार्यों की समीक्षा के दौरान जीपीओ से दूरस्थ गांवों को बीएसएनएल सेवा से जोड़ने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि पौड़ी, खिर्सू, पाबौ, सतपुली और कोटद्वार में कार्यों में गति लाई जाए। इसके अलावा जहां पर सीएचसी नहीं खुली, वहां सीएचसी खोली जाए। बैठक में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एमएम खान, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला मुख्य कृषि अधिकारी डा. देवेंद्र सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी हरेराम यादव, खुशाल सिंह, दीपक रावत, अभिनव रावत आदि मौजूद रहे।
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