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एनआईटी, मेडिकल कॉलेज और शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए धरना
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श्रीनगर। एनआईटी, मेडिकल कॉलेज और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सहित अन्य मुद्दों पर बारिश के बीच प्रगतिशील जनमंच का धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस मौके पर आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।
प्रजम ने बुधवार से राजकीय संयुक्त अस्पताल के समीप अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। इस मौके पर आयोजित सभा में कहा गया कि सरकारें एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण में असफल रही हैं। एनआईटी मंजूरी के 9 साल बाद भी सरकार जमीन फाइनल नहीं कर पाई। सरकार की असफलता की वजह से एनआईटी की कक्षाएं जयपुर में चल रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार इसे सेना के हवाले करने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के बाद लोग गंदा पानी को मजबूर हैं। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। जो सालों बाद भी पूरी नहीं हो पाई है।
उन्होंने रोष जताया कि एक ओर लोग गंदा पानी पी रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जल संस्थान अनाप शनाप बिल वसूल रहा है। सिर्फ श्रीनगर में ही पानी के मीटर लगाए हैं। पानी के बिल निरस्त किए जाने चाहिए। धरने में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, मुकेश अग्रवाल, अतुल सती, सदानंद पुरी, हृदयराम कोटनाला, दयाराम पुरी, सुधाकर भट्ट, मोहन लाल व द्वारिका प्रसाद आदि बैठे।
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प्रजम ने बुधवार से राजकीय संयुक्त अस्पताल के समीप अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। इस मौके पर आयोजित सभा में कहा गया कि सरकारें एनआईटी के स्थायी परिसर के निर्माण में असफल रही हैं। एनआईटी मंजूरी के 9 साल बाद भी सरकार जमीन फाइनल नहीं कर पाई। सरकार की असफलता की वजह से एनआईटी की कक्षाएं जयपुर में चल रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार इसे सेना के हवाले करने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर जल विद्युत परियोजना के निर्माण के बाद लोग गंदा पानी को मजबूर हैं। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। जो सालों बाद भी पूरी नहीं हो पाई है।
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उन्होंने रोष जताया कि एक ओर लोग गंदा पानी पी रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जल संस्थान अनाप शनाप बिल वसूल रहा है। सिर्फ श्रीनगर में ही पानी के मीटर लगाए हैं। पानी के बिल निरस्त किए जाने चाहिए। धरने में प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, मुकेश अग्रवाल, अतुल सती, सदानंद पुरी, हृदयराम कोटनाला, दयाराम पुरी, सुधाकर भट्ट, मोहन लाल व द्वारिका प्रसाद आदि बैठे।
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