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पहाड़ में राजस्व क्षेत्रों में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में
Updated Sun, 22 Jul 2018 10:40 PM IST
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पौड़ी। कख रेगी नीति कख रेगी माणा, एक श्याम सिंह पटवारी न कख कख जाण। गढ़वाल मंडल में यह कहावत अब नायब तहसीलदारों पर सही साबित हो रही है। गढ़वाल के सात जनपदों में भूमि संबंधी मामलों के साथ ही राजस्व पुलिस का काम देख रहे नायब तहसीलदारों के 40 फीसदी से अधिक पद खाली हैं। हाल ही में पटवारियों के राजस्व पुलिस का काम छोड़ने से अब यह काम भी पूरी तरह से नायब तहसीलदार देख रहे हैं, जिससे इन क्षेत्रों में कानून व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
पहाड़ में शांत वादियों में भी अब अपराध तेजी से पांव पसारता जा रहा है। स्थिति यह है कि पूर्व में जहां कभी चोरी की वारदातें नहीं होती थीं और लोग घरों में ताला तक नहीं लगाते थे। वहीं अब लूट, हत्या और गृह भेदन के मामले सामने आ रहे हैं। पौड़ी में इस साल राजस्व पुलिस क्षेत्र में हत्या के नौ मामले सामने आए हैं। इसके अलावा लूट और गृह भेदन का एक-एक मुकदमा दर्ज हुआ है। दहेज हत्या के दो मामले सामने आए हैं। टिहरी और चमोली में भी हत्या का एक-एक प्रकरण सामने आया है। गढ़वाल मंडल के सात जनपदों में राजस्व पुलिस क्षेत्र में इस साल सबसे अधिक 63 आपराधिक मामले पौड़ी में दर्ज हुए हैं। जबकि टिहरी में 37 और उत्तरकाशी में 21 मुकदमे दर्ज हुए हैं। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्व पुलिस क्षेत्रों में टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और देहरादून जनपद में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, लेकिन कानून व्यवस्था के नाम पर राजस्व पुलिस के पास न पर्याप्त संसाधन हैं न ही मैन पावर। स्थिति यह है कि गढ़वाल मंडल में नायब तहसीलदारों के 41 फीसदी पद रिक्त हैं, जिससे राजस्व क्षेत्रों में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
राजस्व पुलिस क्षेत्र गढ़वाल मंडल में अपराध की स्थिति
जनपद वर्ष दर्ज मुकदमे
पौड़ी 2018 63
टिहरी 2018 37
चमोली 2018 16
रुद्रप्रयाग 2018 16
उत्तरकाशी 2018 21
देहरादून 2018 05
----------------------
गढ़वाल मंडल में नायब तहसीलदारों के पद रिक्त
जनपद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
उत्तरकाशी 08 04 04
चमोली 10 06 04
टिहरी 18 08 10
देहरादून 10 09 01
पौड़ी 15 06 09
रुद्रप्रयाग 03 02 01
हरिद्वार 08 07 01
राजस्व परिषद से नायब तहसीलदारों की नियुक्तियां होती हैं। इसके लिए परिषद को कई बार लिखा जा चुका है। बैठकों में भी इस पर चर्चा हुई है। नए तबादला एक्ट की वजह से भी अब तक दूसरे जनपदों से नायब तहसीलदार यहां नहीं आ पाए हैं। -हरक सिंह रावत अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल
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पहाड़ में शांत वादियों में भी अब अपराध तेजी से पांव पसारता जा रहा है। स्थिति यह है कि पूर्व में जहां कभी चोरी की वारदातें नहीं होती थीं और लोग घरों में ताला तक नहीं लगाते थे। वहीं अब लूट, हत्या और गृह भेदन के मामले सामने आ रहे हैं। पौड़ी में इस साल राजस्व पुलिस क्षेत्र में हत्या के नौ मामले सामने आए हैं। इसके अलावा लूट और गृह भेदन का एक-एक मुकदमा दर्ज हुआ है। दहेज हत्या के दो मामले सामने आए हैं। टिहरी और चमोली में भी हत्या का एक-एक प्रकरण सामने आया है। गढ़वाल मंडल के सात जनपदों में राजस्व पुलिस क्षेत्र में इस साल सबसे अधिक 63 आपराधिक मामले पौड़ी में दर्ज हुए हैं। जबकि टिहरी में 37 और उत्तरकाशी में 21 मुकदमे दर्ज हुए हैं। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजस्व पुलिस क्षेत्रों में टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और देहरादून जनपद में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, लेकिन कानून व्यवस्था के नाम पर राजस्व पुलिस के पास न पर्याप्त संसाधन हैं न ही मैन पावर। स्थिति यह है कि गढ़वाल मंडल में नायब तहसीलदारों के 41 फीसदी पद रिक्त हैं, जिससे राजस्व क्षेत्रों में कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
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राजस्व पुलिस क्षेत्र गढ़वाल मंडल में अपराध की स्थिति
जनपद वर्ष दर्ज मुकदमे
पौड़ी 2018 63
टिहरी 2018 37
चमोली 2018 16
रुद्रप्रयाग 2018 16
उत्तरकाशी 2018 21
देहरादून 2018 05
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गढ़वाल मंडल में नायब तहसीलदारों के पद रिक्त
जनपद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
उत्तरकाशी 08 04 04
चमोली 10 06 04
टिहरी 18 08 10
देहरादून 10 09 01
पौड़ी 15 06 09
रुद्रप्रयाग 03 02 01
हरिद्वार 08 07 01
राजस्व परिषद से नायब तहसीलदारों की नियुक्तियां होती हैं। इसके लिए परिषद को कई बार लिखा जा चुका है। बैठकों में भी इस पर चर्चा हुई है। नए तबादला एक्ट की वजह से भी अब तक दूसरे जनपदों से नायब तहसीलदार यहां नहीं आ पाए हैं। -हरक सिंह रावत अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल
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