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ोन मंत्री, 15 महीनें, 25 फीसदी धनराशि भी खर्च नहीं-compat
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:28 PM IST
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पौड़ी। मंत्रियों की फौज वाले पौड़ी जिले के तीन मंत्री, विधायक निधि के रूप में वित्तीय वर्ष 2017-18 और चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के तीन महीनों में शासन की ओर से आवंटित पौने छह करोड़ की धनराशि में से 25 फीसदी धनराशि भी खर्च नहीं कर पाए हैं। यह हाल तब है जबकि जनपद के लोग बिजली, पानी, सड़क सहित तमाम बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समय पर विधायक निधि खर्च न कर पाने पर पूर्व में नाराजगी जता चुके हैं।
त्रिवेंद्र सरकार ने बीते वर्ष जून में 2.75 करोड़ की सालाना विधायक निधि को बढ़ाकर 3.75 करोड़ कर विधायकों को तोहफा दिया था, लेकिन पौड़ी जनपद के विधायक इस निधि को खर्चने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। विधायकों से बुरा हाल तीनों मंत्रियों का है। गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे जनपद के लोग पीने के पानी की समस्या को लेकर आए दिन सड़कों पर हैं। जगह-जगह सड़क दुर्दशाग्रस्त हैं। डाक्टरों के खस्ताहाल सरकारी आवास रहने लायक नहीं है, कई स्कूल भवन जर्जर होने से बच्चों के बैठने लायक नहीं हैं। इसके बावजूद उच्च शिक्षा मंत्री एवं श्रीनगर से विधायक डा.धन सिंह रावत, वन मंत्री एवं कोटद्वार से विधायक डा. हरक सिंह रावत एवं कैबिनेट मंत्री व चौबट्टाखाल से विधायक सतपाल महाराज पिछले और इस वित्तीय वर्ष में शासन से प्रत्येक विधायक को विधायक निधि के रूप में आवंटित पौने छह करोड़ की धनराशि का 25 फीसदी भी खर्च नहीं कर पाए हैं।
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विधायकों और मंत्रियों ने कितने फीसदी धनराशि की खर्च (धनराशि लाख रुपये में)
नाम विधान सक्षा क्षेत्र शासन से आवंटित धनराशि व्यय धनराशि
मुकेश कोली पौड़ी 575 124.600
धन सिंह रावत श्रीनगर 575 7.500
डा. हरक सिंह रावत कोटद्वार 575 135.600
रितु खंडूडी यमकेश्वर 575 128.400
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल 575 118.00
दलीप रावत लैंसडॉन 575 176.00
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इस वित्तीय वर्ष का एक रुपया भी खर्च नहीं
हैरानी की बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में शासन से आवंटित धनराशि का कोई भी विधायक एवं मंत्री एक रुपया भी खर्च नहीं कर पाया है, जबकि प्रत्येक विधायक को इस वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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निधि खर्चने में धन सिंह फिसड्डी, दलीप अव्वल
पौड़ी जिले के सभी विधायकों एवं मंत्रियों में पिछले और इस वित्तीय वर्ष में शासन से आवंटित विधायक निधि खर्चने में श्रीनगर विधायक एवं उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत फिसड्डी एवं लैंसडौन विधायक दलीप रावत अव्वल रहे हैं। व्यय धनराशि प्रतिशत में देखी जाए तो उच्च शिक्षा मंत्री डेढ़ फीसदी धनराशि भी व्यय नहीं कर पाए हैं, जबकि लैंसडौन विधायक दलीप रावत ने सर्वाधिक 30 फीसदी धनराशि व्यय की है।
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डीपीसी सदस्य इस बात से हैं नाराज
जिला योजना समिति के सदस्य इस बात से नाराज हैं कि विधायक और मंत्री जिला योजना पर नजर लगाए हैं। जिला योजना में उनके प्रस्तावों पर ही काम हो रहा है, जबकि डीपीसी सदस्यों के प्रस्ताव लटके हैं। यही वजह रही कि जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री रहे यशपाल आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक का डीपीसी सदस्यों ने बीते दिनों बहिष्कार किया था। ----------------
फोटो
विधायक निधि में विभागों की ओर से कमीशनबाजी होती है। मैंने डीएम और सीडीओ को कहा है कि पहले कमीशनबाजी बंद की जाए। हमारी जीरो टॉलरेंस की सरकार है। जब कमीशनबाजी होगी तो काम कैसे होगा। रही निधि खर्चने की बात, मैने एक करोड़ दस लाख के प्रस्ताव दिए हैं, आगे जैसे-जैसे प्रस्ताव आएंगे, उन्हें भी भेजा जाएगा।
-डा. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री
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त्रिवेंद्र सरकार ने बीते वर्ष जून में 2.75 करोड़ की सालाना विधायक निधि को बढ़ाकर 3.75 करोड़ कर विधायकों को तोहफा दिया था, लेकिन पौड़ी जनपद के विधायक इस निधि को खर्चने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। विधायकों से बुरा हाल तीनों मंत्रियों का है। गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे जनपद के लोग पीने के पानी की समस्या को लेकर आए दिन सड़कों पर हैं। जगह-जगह सड़क दुर्दशाग्रस्त हैं। डाक्टरों के खस्ताहाल सरकारी आवास रहने लायक नहीं है, कई स्कूल भवन जर्जर होने से बच्चों के बैठने लायक नहीं हैं। इसके बावजूद उच्च शिक्षा मंत्री एवं श्रीनगर से विधायक डा.धन सिंह रावत, वन मंत्री एवं कोटद्वार से विधायक डा. हरक सिंह रावत एवं कैबिनेट मंत्री व चौबट्टाखाल से विधायक सतपाल महाराज पिछले और इस वित्तीय वर्ष में शासन से प्रत्येक विधायक को विधायक निधि के रूप में आवंटित पौने छह करोड़ की धनराशि का 25 फीसदी भी खर्च नहीं कर पाए हैं।
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विधायकों और मंत्रियों ने कितने फीसदी धनराशि की खर्च (धनराशि लाख रुपये में)
नाम विधान सक्षा क्षेत्र शासन से आवंटित धनराशि व्यय धनराशि
मुकेश कोली पौड़ी 575 124.600
धन सिंह रावत श्रीनगर 575 7.500
डा. हरक सिंह रावत कोटद्वार 575 135.600
रितु खंडूडी यमकेश्वर 575 128.400
सतपाल महाराज चौबट्टाखाल 575 118.00
दलीप रावत लैंसडॉन 575 176.00
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इस वित्तीय वर्ष का एक रुपया भी खर्च नहीं
हैरानी की बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में शासन से आवंटित धनराशि का कोई भी विधायक एवं मंत्री एक रुपया भी खर्च नहीं कर पाया है, जबकि प्रत्येक विधायक को इस वित्तीय वर्ष में दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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निधि खर्चने में धन सिंह फिसड्डी, दलीप अव्वल
पौड़ी जिले के सभी विधायकों एवं मंत्रियों में पिछले और इस वित्तीय वर्ष में शासन से आवंटित विधायक निधि खर्चने में श्रीनगर विधायक एवं उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत फिसड्डी एवं लैंसडौन विधायक दलीप रावत अव्वल रहे हैं। व्यय धनराशि प्रतिशत में देखी जाए तो उच्च शिक्षा मंत्री डेढ़ फीसदी धनराशि भी व्यय नहीं कर पाए हैं, जबकि लैंसडौन विधायक दलीप रावत ने सर्वाधिक 30 फीसदी धनराशि व्यय की है।
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डीपीसी सदस्य इस बात से हैं नाराज
जिला योजना समिति के सदस्य इस बात से नाराज हैं कि विधायक और मंत्री जिला योजना पर नजर लगाए हैं। जिला योजना में उनके प्रस्तावों पर ही काम हो रहा है, जबकि डीपीसी सदस्यों के प्रस्ताव लटके हैं। यही वजह रही कि जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री रहे यशपाल आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक का डीपीसी सदस्यों ने बीते दिनों बहिष्कार किया था। ----------------
फोटो
विधायक निधि में विभागों की ओर से कमीशनबाजी होती है। मैंने डीएम और सीडीओ को कहा है कि पहले कमीशनबाजी बंद की जाए। हमारी जीरो टॉलरेंस की सरकार है। जब कमीशनबाजी होगी तो काम कैसे होगा। रही निधि खर्चने की बात, मैने एक करोड़ दस लाख के प्रस्ताव दिए हैं, आगे जैसे-जैसे प्रस्ताव आएंगे, उन्हें भी भेजा जाएगा।
-डा. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री