पानी के बिलों के मानकों में होगा संशोधन: पंत

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Thu, 24 Jan 2019 09:50 PM IST
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श्रीनगर। प्रदेश के पेयजल एवं वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने पानी के बिलों के मानकों में संशोधन का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मीटरों की शिकायत होने पर जांच कराई जाएगी।
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बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने पानी के मीटरों पर मचे घमासान के सवाल पर कहा कि वर्तमान में मानक के अनुसार 10 हजार लीटर पर 154 रुपये लिए जा रहे हैं। इससे ऊपर खपत होने पर रीडिंग के हिसाब से बिल आ रहा है। उपभोक्ता इसकी सीमा 15 हजार लीटर चाहते हैं। जल्दी कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर इसमें संशोधन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मीटरों की जांच के लिए अतिरिक्त मीटर लगवाए जाएंगे। प्रगतिशील जनमंच के सुधाकर भट्ट ने विद्युत विभाग के समान मीटर रीडर तैनात कर मौके पर ही बिल देने का सुझाव दिया। जिस पर पेयजल मंत्री ने सहमति जताई।
पंत ने कहा कि 2022 तक हर व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। वर्ष 2018-19 में 90 योजनाओं के निर्माण का लक्ष्य है। इससे 710 बस्ती लाभांवित होंगी।
उन्होंने कहा कि 20 लाख रुपये की सीमा तक आने वाले व्यापारियों के जीएसटी पंजीकरण की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। जल्दी इसका नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। 26 फरवरी को श्रीनगर में जीएसटी संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी। जिसमें वह स्वयं मौजूद रहेंगे।
इस अवसर पर विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्तिनगर अध्यक्ष कैलाशी जाखी, अतर सिंह असवाल, जितेंद्र रावत व गिरीश पैन्यूली आदि मौजूद थे। संचालन अनूप बहुगुणा ने किया।

प्रजम और भाजपा कार्यकर्ताओं में तू-तू, मैं-मै
श्रीनगर। पेयजल मंत्री प्रकाश पंत की प्रेसवार्ता में पानी और मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर प्रगतिशील जनमंच ने हंगामा मचा दिया। प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी के तीखे शब्दों से नाराज भाजपा के पदाधिकारियों ने संयम से बात रखने को कहा। जिससे दोनों ओर से गरमा-गरमी हो गई। पुलिस और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
जीएमवीएन सभागार में पत्रकारों से पेयजल संबंधी मामलों पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान प्रजम के सदस्य भी वहां आ गए। प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी का कहना था कि पानी के बिलों में भारी गड़बड़ियां हैं। लोग जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद गंदा पानी पी रहे हैं। नेताओं ने कंपनी से पैसा खाया है। वहीं मेडिकल कॉलेज को सेना के हवाले करने की बात को शिगुफा बताते हुए पंत से इसको स्पष्ट करने को कहा। भाजपा पदाधिकारियों ने स्वामी की भाषा शैली पर आपत्ति जताते हुए विरोध जताया। जिससे तू-तू, मैं-मैं की नौबत आ गई। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय विवि प्रमुख सुधीर जोशी, ऋतांशु कंडारी व संदीप राणा ने पानी के बिलों के बेतहाशा वृद्धि से छात्र वर्ग को हो रही परेशानी से अवगत कराया।
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