{"_id":"5b3122fa4f1c1bf76e8ba1a0","slug":"181529946874-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाक्टरों को बीमारी के लक्षणों का पता लगाने में मिलेगी सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाक्टरों को बीमारी के लक्षणों का पता लगाने में मिलेगी सहायता
Updated Mon, 25 Jun 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता सुधार को लेकर आयोजित सेमिनार में सोमवार को विषय विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह से डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग आदि तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सकों को किसी बीमारी के लक्षण का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
सेमिनार में मुख्य वक्ता एमआईटीएस संस्थान बंगलूरू के प्रो. रंजीत कुमार ने कहा कि डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग आदि तकनीकों से चिकित्सकों द्वारा परामर्श देने और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। उन्होंने ईसीजी, ईएमजी, ईईजी तकनीकों पर भी प्रकाश डाला। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के एसोसिएट प्रो. यतेंद्र कुमार ने बायोमेडिकल सिग्नल, ईसीजी सिग्नल, ईएमजी सिग्नल, ईईजी सिग्नल आदि विभिन्न प्रकार के सिग्नल एवं उपकरणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन सिग्नलों को समझने वाले उपकरण चिकित्सकीय जांचों में उपयोगी हैं। ट्रिपल आईटी जबलपुर के प्रो. अनिल कुमार ने डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग के बारे में अपने शोध से जुड़ी जानकारियां दीं। सेमिनार में डा. आशीष नेगी, डा. प्रीति डिमरी, डा. एचएस भदौरिया, केडी नारायण, सहायक प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, पपेंद्र कुमार, अभिषेक गुप्ता, आज्ञा राम वर्मा व योगेश आदि मौजूद रहे।
इलेक्ट्रॉनिक विभाग में भी सेमिनार
पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर
पांच दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईटी रुड़की के प्रो. सुदेव दास गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि आईआईटी पटना के प्रो. जबर सिंह ने किया। कुलसचिव मनोज कुमार पांडा ने बताया कि सेमिनार में एडवांस सेमी कंडक्ट वीएलएसआई सर्किट आदि के विषय में छात्रों को विषय विशेषज्ञों की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
सेमिनार में मुख्य वक्ता एमआईटीएस संस्थान बंगलूरू के प्रो. रंजीत कुमार ने कहा कि डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग आदि तकनीकों से चिकित्सकों द्वारा परामर्श देने और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है। उन्होंने ईसीजी, ईएमजी, ईईजी तकनीकों पर भी प्रकाश डाला। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के एसोसिएट प्रो. यतेंद्र कुमार ने बायोमेडिकल सिग्नल, ईसीजी सिग्नल, ईएमजी सिग्नल, ईईजी सिग्नल आदि विभिन्न प्रकार के सिग्नल एवं उपकरणों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन सिग्नलों को समझने वाले उपकरण चिकित्सकीय जांचों में उपयोगी हैं। ट्रिपल आईटी जबलपुर के प्रो. अनिल कुमार ने डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग के बारे में अपने शोध से जुड़ी जानकारियां दीं। सेमिनार में डा. आशीष नेगी, डा. प्रीति डिमरी, डा. एचएस भदौरिया, केडी नारायण, सहायक प्रोफेसर विवेक कुमार टम्टा, पपेंद्र कुमार, अभिषेक गुप्ता, आज्ञा राम वर्मा व योगेश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इलेक्ट्रॉनिक विभाग में भी सेमिनार
पौड़ी। जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर
पांच दिवसीय सेमिनार का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईटी रुड़की के प्रो. सुदेव दास गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि आईआईटी पटना के प्रो. जबर सिंह ने किया। कुलसचिव मनोज कुमार पांडा ने बताया कि सेमिनार में एडवांस सेमी कंडक्ट वीएलएसआई सर्किट आदि के विषय में छात्रों को विषय विशेषज्ञों की ओर से महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
विज्ञापन