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सात साल में भी नहीं बना पौड़ी का बस अड्डा
Updated Sun, 03 Sep 2017 10:00 PM IST
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पौड़ी। गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी के बस अड्डे को संवारने की राह में बजट रोड़ा बना हुआ है। सात साल से शहर का यह मुख्य बस अड्डा आधे अधूरे काम की वजह से संवरने की बजाय बदसूरत नजर आ रहा है।
राज्य बनने के बाद श्रीनगर रोड पर स्थित पौड़ी के वर्षों पुराने बस अड्डे को संवारने की सौगात मिली। वर्ष 2011 में पुराने बस अड्डे को तोड़कर दोमंजिला नए बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ। तब बस अड्डा के पुनर्निर्माण का इस्टीमेट 452 करोड़ आंका गया। धनराशि खर्च कर दी गई, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ। कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बस अड्डा निर्माण पूरा करने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद नगर पालिका ने शहरी विकास निदेशालय को 886 करोड़ रुपये का रिवाइज इस्टीमेट भेजा है, लेकिन धनराशि अभी तक स्वीकृत नहीं हुई। ऐसे में अड्डे के शेष कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं। निर्माण पूरा न होने से सड़कों पर जाम लोगों के लिए बड़ा संकट बना हुआ है। शहरवासियों ने कई बार इस संबंध में शासन को पत्र प्रेषित किए, लेकिन अभी तक सकारात्मक कार्रवाई न होने से शहरवासियों में भी गुस्सा है।
कोट
शहरी विकास निदेशालय को रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है। इस संबंध में निदेशालय से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद है कि धनराशि जल्द अवमुक्त हो जाएगी। -विनोद शाह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पौड़ी
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राज्य बनने के बाद श्रीनगर रोड पर स्थित पौड़ी के वर्षों पुराने बस अड्डे को संवारने की सौगात मिली। वर्ष 2011 में पुराने बस अड्डे को तोड़कर दोमंजिला नए बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ। तब बस अड्डा के पुनर्निर्माण का इस्टीमेट 452 करोड़ आंका गया। धनराशि खर्च कर दी गई, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ। कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बस अड्डा निर्माण पूरा करने की घोषणा की। इस घोषणा के बाद नगर पालिका ने शहरी विकास निदेशालय को 886 करोड़ रुपये का रिवाइज इस्टीमेट भेजा है, लेकिन धनराशि अभी तक स्वीकृत नहीं हुई। ऐसे में अड्डे के शेष कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं। निर्माण पूरा न होने से सड़कों पर जाम लोगों के लिए बड़ा संकट बना हुआ है। शहरवासियों ने कई बार इस संबंध में शासन को पत्र प्रेषित किए, लेकिन अभी तक सकारात्मक कार्रवाई न होने से शहरवासियों में भी गुस्सा है।
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कोट
शहरी विकास निदेशालय को रिवाइज इस्टीमेट भेजा गया है। इस संबंध में निदेशालय से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद है कि धनराशि जल्द अवमुक्त हो जाएगी। -विनोद शाह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पौड़ी
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