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जूनियर हाईस्कूलों के विलय पर भड़का शिक्षक संगठन
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:48 PM IST
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पौड़ी। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने जनपद के आठ स्कूलों का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कालेज में विलय करने पर नाराजगी जताई है। संगठन के जिला मंत्री भगत सिंह भंडारी ने कहा कि जूनियर हाईस्कूलों का विलय तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित जूनियर हाईस्कूलों में ही होना था, लेकिन विभाग ने ऐसा न कर हाईस्कूल और इंटर कालेजों में इनका विलय कर आरटीई एक्ट का उल्लंघन किया है। स्कूलों को बंद किए जाने से इन स्कूलों के बच्चे अब चार से पांच किलोमीटर की दूरी तय करने को मजबूर हैं।
संगठन के जिला अध्यक्ष कुंवर सिंह राणा व जिला मंत्री भगत सिंह भंडारी ने कहा कि स्कूलों के विलीनीकरण के आदेश को निरस्त कर भविष्य में मानक के अनुरूप कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मध्य शिक्षा सत्र समाप्त होने को है, लेकिन बच्चों को अब तक पाठ्य पुस्तकें भी नहीं मिल पाई हैं। इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं, कक्षा छह की पाठ्य पुस्तकों का मूल्य 506 रुपये, सात का मूल्य 515 एवं आठ की पाठ्य पुस्तकों का मूल्य 590 रुपये है, लेकिन छात्र-छात्राओं के खाते में मात्र 250 रुपये भेजे जा रहे हैं। बच्चों के खाते में पाठ्य पुस्तकों के लिए कम धनराशि भेजे जाने से बच्चों द्वारा पाठ्य पुस्तकें नहीं खरीदी जा रही हैं। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को दिए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि गलत रिक्तियों के कारण शिक्षकों के तबादले भी गलत हुए हैं। इसे संशोधित किया जाए। वहीं मासिक परीक्षा के प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे हैं। समस्त स्कूलों को इन प्रश्नपत्रों की हार्ड कॉपी भेजी जाए।
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संगठन के जिला अध्यक्ष कुंवर सिंह राणा व जिला मंत्री भगत सिंह भंडारी ने कहा कि स्कूलों के विलीनीकरण के आदेश को निरस्त कर भविष्य में मानक के अनुरूप कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मध्य शिक्षा सत्र समाप्त होने को है, लेकिन बच्चों को अब तक पाठ्य पुस्तकें भी नहीं मिल पाई हैं। इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं, कक्षा छह की पाठ्य पुस्तकों का मूल्य 506 रुपये, सात का मूल्य 515 एवं आठ की पाठ्य पुस्तकों का मूल्य 590 रुपये है, लेकिन छात्र-छात्राओं के खाते में मात्र 250 रुपये भेजे जा रहे हैं। बच्चों के खाते में पाठ्य पुस्तकों के लिए कम धनराशि भेजे जाने से बच्चों द्वारा पाठ्य पुस्तकें नहीं खरीदी जा रही हैं। जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा को दिए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि गलत रिक्तियों के कारण शिक्षकों के तबादले भी गलत हुए हैं। इसे संशोधित किया जाए। वहीं मासिक परीक्षा के प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे हैं। समस्त स्कूलों को इन प्रश्नपत्रों की हार्ड कॉपी भेजी जाए।
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