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जापान की तकनीक व शिक्षा व्यवस्था से हुए रुबरु
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पौड़ी। भारतीय छात्र-छात्राओं का 40 सदस्यीय दल जापान की तकनीक व शिक्षा व्यवस्था से रुबरु हुआ। दल जापान ने टोकियों के राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, दूतावास, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं का भ्रमण किया। दल में 10 शिक्षक-शिक्षिकाएं सुपरवाइजर के रुप में शामिल रहे। दल में उत्तराखंड से दो छात्रों के साथ एक सुपरवाइजर शामिल रही।
भारत के 40 छात्र-छात्राओं का भ्रमण दल जापान से लौट आया है। दल एशिया-जापान यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भ्रमण पर गया था। भारत के इस भ्रमण दल में उत्तराखंड के देहरादून से जतिन सिंह व चंपावत से प्रीति शामिल थी। जबकि सुपवाइजर के रुप में दल के साथ जनपद पौड़ी के राउमावि भमरईखाल की शिक्षिका ममता ध्यानी शामिल रही। उन्होंने बताया कि छात्रों का दल जापान के टोकियों शहर गया। जहां दल ने राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, भारतीय दूतावास, बौद्ध मंदिर व विभिन्न शिक्षण संस्थानों का भ्रमण किया। ध्यानी ने बताया कि छात्र-छात्राओं में जापान की तकनीक को लेकर विशेष रुप से जिज्ञासा, उत्साह व कौतुहल देखने को मिला। उन्होंने बताया कि दल के छात्रों को जापानी विशेषज्ञों ने वहां की तकनीकी के साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व भारत के साथ संबंधों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। ध्यानी ने बताया कि छात्रों ने भ्रमण से बहुत कुछ सीखा है।
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भारत के 40 छात्र-छात्राओं का भ्रमण दल जापान से लौट आया है। दल एशिया-जापान यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत भ्रमण पर गया था। भारत के इस भ्रमण दल में उत्तराखंड के देहरादून से जतिन सिंह व चंपावत से प्रीति शामिल थी। जबकि सुपवाइजर के रुप में दल के साथ जनपद पौड़ी के राउमावि भमरईखाल की शिक्षिका ममता ध्यानी शामिल रही। उन्होंने बताया कि छात्रों का दल जापान के टोकियों शहर गया। जहां दल ने राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय, भारतीय दूतावास, बौद्ध मंदिर व विभिन्न शिक्षण संस्थानों का भ्रमण किया। ध्यानी ने बताया कि छात्र-छात्राओं में जापान की तकनीक को लेकर विशेष रुप से जिज्ञासा, उत्साह व कौतुहल देखने को मिला। उन्होंने बताया कि दल के छात्रों को जापानी विशेषज्ञों ने वहां की तकनीकी के साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व भारत के साथ संबंधों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। ध्यानी ने बताया कि छात्रों ने भ्रमण से बहुत कुछ सीखा है।
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