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जश्ने बचपन नाट्य मंचन के जरिए वैज्ञानिक शिक्षा पर जोर
Updated Sun, 28 Jan 2018 09:44 PM IST
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पौड़ी। नवांकुर नाट्य समूह की ओर से प्रेक्षागृह में नाटक ‘जश्ने बचपन’ का मंचन किया गया। नाट्य मंचन के जरिए रंग कर्मियों द्वारा यह बताने की कोशिश की गई कि आज के इस बदलते दौर में बच्चों के लिए वैज्ञानिक शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। इस दौरान गढ़वाली लेखक महेशानंद के निबंध संग्रह ‘स्वीलु घाम’ का विमोचन भी किया गया।
नाटक ‘जश्ने बचपन’ विद्यालयी शिक्षा पर आधारित है। इसमें बताया गया कि एक बड़े स्कूल में विभिन्न जाति के बच्चे पढ़ते हैं। नाटक में बच्चों को वैज्ञानिक शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है। नाटक से पूर्व गढ़वाली लेखक महेशानंद द्वारा लिखित पुस्तक ‘स्वीलु घाम’ का विमोचन किया गया। नाटक में हिमांशु, दीपाली, अरमान, अंशिका, पारस, सोनाली, शंकर, शुभम, गीता, प्रियांशी, रूबी व हिमानी आदि ने अभिनय किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. विनोद कुमार ने किया। इस मौके पर नवांकुर के अशोक बौड़ाई, गंगा असनोड़ा, भगवान सिंह टम्टा, अमिता रतूड़ी, विमल नेगी, उमा, ललित मोहन कोठियाल, वीरेंद्र खंकरियाल व अरविंद रावत आदि मौजूद रहे।
नाटक ‘जश्ने बचपन’ विद्यालयी शिक्षा पर आधारित है। इसमें बताया गया कि एक बड़े स्कूल में विभिन्न जाति के बच्चे पढ़ते हैं। नाटक में बच्चों को वैज्ञानिक शिक्षा देने पर जोर दिया जा रहा है। नाटक से पूर्व गढ़वाली लेखक महेशानंद द्वारा लिखित पुस्तक ‘स्वीलु घाम’ का विमोचन किया गया। नाटक में हिमांशु, दीपाली, अरमान, अंशिका, पारस, सोनाली, शंकर, शुभम, गीता, प्रियांशी, रूबी व हिमानी आदि ने अभिनय किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. विनोद कुमार ने किया। इस मौके पर नवांकुर के अशोक बौड़ाई, गंगा असनोड़ा, भगवान सिंह टम्टा, अमिता रतूड़ी, विमल नेगी, उमा, ललित मोहन कोठियाल, वीरेंद्र खंकरियाल व अरविंद रावत आदि मौजूद रहे।
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