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गंगा-अलकनंदा में हो रही अवैध राफ्टिंग
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:47 PM IST
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पौड़ी। गंगा और अलकनंदा में अवैध तरीके से रॉफ्टिंग हो रही है। कुछ कंपनियों ने जिले की सीमा में अवैध राफ्टिंग कैंप भी बनाए हुए हैं। डीएम सुुशील कुमार ने शिकायत मिलने पर ऐसे राफ्टिंग और कैंप संचालकों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस बारे में पुलिस और पर्यटन विभाग को संयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
नेेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर करीब तीन साल पहले पौड़ी और टिहरी जिला प्रशासन ने अलकनंदा और गंगा किनारे अपने-अपने सीमा क्षेत्रों में बने रॉफ्टिंग कैंपों को हटाया था। इस पर कुछ लोगों ने नदियों से तय दूरी में वन विभाग या निजी भूमि पर कैंप बना लिए। पौड़ी जिले में श्रीनगर, देवप्रयाग, व्यासघाट, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम आदि क्षेत्रों में कुछ कंपनियों ने अवैध तरीके से रॉफ्टिंग कैंप बनाए हुए हैं। यही नहीं, कुछ लोग गंगा और अलकनंदा में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर रॉफ्टिंग करा रहे हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए है, जिन्होंने पर्यटन विभाग में पंजीकरण भी नहीं कराया हुआ है। डीएम सुशील कुमार ने बताया कि इस बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं। पूर्व में रॉफ्टिंग संचालकों की लापरवाही से पर्यटकों के नदी में डूबने की घटनाएं भी हुई हैं। जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ मिलकर अवैध तरीके से संचालित हो रहे रॉफ्टिंग और कैंप संचालकों के विरुद्ध अभियान के तहत कार्रवाई करें।
नेेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर करीब तीन साल पहले पौड़ी और टिहरी जिला प्रशासन ने अलकनंदा और गंगा किनारे अपने-अपने सीमा क्षेत्रों में बने रॉफ्टिंग कैंपों को हटाया था। इस पर कुछ लोगों ने नदियों से तय दूरी में वन विभाग या निजी भूमि पर कैंप बना लिए। पौड़ी जिले में श्रीनगर, देवप्रयाग, व्यासघाट, लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम आदि क्षेत्रों में कुछ कंपनियों ने अवैध तरीके से रॉफ्टिंग कैंप बनाए हुए हैं। यही नहीं, कुछ लोग गंगा और अलकनंदा में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर रॉफ्टिंग करा रहे हैं। कुछ ऐसे मामले भी सामने आए है, जिन्होंने पर्यटन विभाग में पंजीकरण भी नहीं कराया हुआ है। डीएम सुशील कुमार ने बताया कि इस बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं। पूर्व में रॉफ्टिंग संचालकों की लापरवाही से पर्यटकों के नदी में डूबने की घटनाएं भी हुई हैं। जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ मिलकर अवैध तरीके से संचालित हो रहे रॉफ्टिंग और कैंप संचालकों के विरुद्ध अभियान के तहत कार्रवाई करें।
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