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पर्यटन से जोड़, ग्रामीण आजीविका को दे नया आयाम
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पौड़ी। मुख्यालय पौड़ी में आजीविका संवर्द्धन में जुटे स्वयं सहायता समूहों व उद्यम विशेषज्ञों की बैठक में गांवों में पर्यटन संभावनाओं को तलाशकर आजीविका विकास की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों व विशेषज्ञों को ब्लाक स्तर पर एक-एक गांव में स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर ब्लाक में एक-एक गांव में स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर कार्य किया जाय। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी जानकारी देने के साथ ही उत्पादन, मार्केटिंग, व्यवसायिक सहयोग की जानकारी दी जाय। डीएम गर्ब्याल ने कहा कि हर ब्लाक के ऐसे गांव चिह्नित किए जाए, जहां पर्यटकों के आवागमन की अच्छी संभावना है। उन्होंने जिले के समस्त खंड विकास अधिकारियों को ब्लाक के तहत एक-एक गांव एक सप्ताह में चयनित करने के निर्देश दिए। सीडीओ दीप्ति सिंह ने कहा कि धूप, चौलाई के लड्डू सहित अन्य सामग्रियों के विक्रय प्लानिंग पर कार्रवाई की जा रही है। एपीडी सुनील कुमार ने बताया कि जिले में समूहों के लिए उत्पादित स्थानीय फसलों से संबंधित काम किए जा रहे है, लेकिन उत्पादित सामग्री को तकनीकी सहायता के साथ-साथ बाजार की जरूरत है, जिससे उनकी अजीविका में और बेहतर आर्थिकी संबर्द्धन हो सके। इस अवसर पर पीडी एसएस शर्मा, डीडीओ वेद प्रकाश, डीएसटीओ निर्मल कुमार शाह, डीडीएम नाबार्ड भूपेंद्र सिंह, अंजली बनियाल, पंकज वाध्वा, सुमनलता, अर्पणा बहुगुणा, सुमन राणा, सरस्वती, लक्ष्मी रावत, लक्ष्मी नेगी, महावीर, कलावती देवी आदि मौजूद थे।
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विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हर ब्लाक में एक-एक गांव में स्वयं सहायता समूहों को संगठित कर कार्य किया जाय। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी जानकारी देने के साथ ही उत्पादन, मार्केटिंग, व्यवसायिक सहयोग की जानकारी दी जाय। डीएम गर्ब्याल ने कहा कि हर ब्लाक के ऐसे गांव चिह्नित किए जाए, जहां पर्यटकों के आवागमन की अच्छी संभावना है। उन्होंने जिले के समस्त खंड विकास अधिकारियों को ब्लाक के तहत एक-एक गांव एक सप्ताह में चयनित करने के निर्देश दिए। सीडीओ दीप्ति सिंह ने कहा कि धूप, चौलाई के लड्डू सहित अन्य सामग्रियों के विक्रय प्लानिंग पर कार्रवाई की जा रही है। एपीडी सुनील कुमार ने बताया कि जिले में समूहों के लिए उत्पादित स्थानीय फसलों से संबंधित काम किए जा रहे है, लेकिन उत्पादित सामग्री को तकनीकी सहायता के साथ-साथ बाजार की जरूरत है, जिससे उनकी अजीविका में और बेहतर आर्थिकी संबर्द्धन हो सके। इस अवसर पर पीडी एसएस शर्मा, डीडीओ वेद प्रकाश, डीएसटीओ निर्मल कुमार शाह, डीडीएम नाबार्ड भूपेंद्र सिंह, अंजली बनियाल, पंकज वाध्वा, सुमनलता, अर्पणा बहुगुणा, सुमन राणा, सरस्वती, लक्ष्मी रावत, लक्ष्मी नेगी, महावीर, कलावती देवी आदि मौजूद थे।
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