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सेमिनार में मिले बैग व पेन से उगेंगे फूल
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श्रीनगर। गढ़वाल विवि में आयोजित होने वाले सेमिनार व गोष्ठियों में मिलने वाली सामग्री निष्प्रोज्य (जब सामग्री बेकार हो जाए) होने पर फेंकने के बजाया गमलों में डालें। इन सामग्रियों से फूल व अन्य सजावटी पौधे उगेंगे। विवि का उमंग प्रकोष्ठ ऐसे हैंडमेड बैग व पेन बनवा रहा है, जो पूरी तरह हैंडमेड पेपर से बने होंगे। निर्माण के दौरान इनमें फूलों व फलो के बीज मिलाए जाएंगे। जब ये बैग व पेन निष्प्रोज्य हो जाएंगे तो इन्हें कूड़े में डालने के बजाय गमलों व बगीचों में डालने पर फूल व फलों के पौधे उगेंगे।
यदि आप गढ़वाल विवि में आयोजित होने वाले सेमिनारों व गोष्ठियों में प्रतिभाग कर रहे हैं तो यहां मिलने वाली सामग्री (बैग, पेन) को निष्प्रोज्य होने पर कूड़ेदान में न फेंके। यह सामग्री पूरी तरह इकोफ्रेंडली तो होगी ही, लेकिन यदि इन्हें गमलों व बगीचों में डाला जाएगा तो कुछ दिनों बाद फूल व फलों के पौधे उगेंगे। उमंग प्रकोष्ठ के डा. सर्वेश उनियाल ने बताया कि प्रकोष्ठ पूरी तरह हैंडमेड कागज के पेपर व बैग बनवा रहा है। इन बैग व पैन को बनाते समय फलों व फूलों के बीज मिश्रित किए जाएंगे। निष्प्रोज्य होने पर इन बैगों व पैन को फेंकने के बजाय गमलों व बगीचों में डालने पर इनमें मिले बीजों से पौधे उगेंगे। साथ ही बैग व पेन का कागज खाद का काम करेगा। डा. उनियाल ने बताया कि बहुत सी संस्थाओं में इस प्रकार के बैग व पैन का प्रयोग हो रहा है। उमंग के प्रयासों से ही विवि में आयोजित होने वाले सेमिनार व गोष्ठियों में पानी की प्लास्टिक की पानी की बोतलें प्रतिबंधित हुई हैं। अब प्लास्टिक की बोतलों के स्थान पर उमंग की ओर से बनवाई गई मेटल की बोतलों का प्रयोग होता है।
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राजीव
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यदि आप गढ़वाल विवि में आयोजित होने वाले सेमिनारों व गोष्ठियों में प्रतिभाग कर रहे हैं तो यहां मिलने वाली सामग्री (बैग, पेन) को निष्प्रोज्य होने पर कूड़ेदान में न फेंके। यह सामग्री पूरी तरह इकोफ्रेंडली तो होगी ही, लेकिन यदि इन्हें गमलों व बगीचों में डाला जाएगा तो कुछ दिनों बाद फूल व फलों के पौधे उगेंगे। उमंग प्रकोष्ठ के डा. सर्वेश उनियाल ने बताया कि प्रकोष्ठ पूरी तरह हैंडमेड कागज के पेपर व बैग बनवा रहा है। इन बैग व पैन को बनाते समय फलों व फूलों के बीज मिश्रित किए जाएंगे। निष्प्रोज्य होने पर इन बैगों व पैन को फेंकने के बजाय गमलों व बगीचों में डालने पर इनमें मिले बीजों से पौधे उगेंगे। साथ ही बैग व पेन का कागज खाद का काम करेगा। डा. उनियाल ने बताया कि बहुत सी संस्थाओं में इस प्रकार के बैग व पैन का प्रयोग हो रहा है। उमंग के प्रयासों से ही विवि में आयोजित होने वाले सेमिनार व गोष्ठियों में पानी की प्लास्टिक की पानी की बोतलें प्रतिबंधित हुई हैं। अब प्लास्टिक की बोतलों के स्थान पर उमंग की ओर से बनवाई गई मेटल की बोतलों का प्रयोग होता है।
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राजीव