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यात्रा सीजन शुरू होते ही बढ़ी लोगों की मुश्किले
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देवप्रयाग। चारधाम यात्रा शुरू होते ही लोगों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी है। ऋषिकेश से देवप्रयाग आने वाले लोगों को नियमित बस सेवाओं में नहीं बैठने दिया जा रहा है। उनसे देवप्रयाग तक के लिए श्रीनगर तक का किराया वसूला जा रहा है।
चारधाम यात्रा की शुरुआत होते ही बस चालक मनमानी पर उतर आए है। वह निकट क्षेत्रों में जाने वाली सवारियों को बस में बैठाने को तैयार नहीं है। देवप्रयाग निवासी गबर सिंह सजवाण व दर्शनी देवी ने बताया कि मंगलवार को ऋषिकेश से देवप्रयाग आनेवाली करीब बारह सवारियों को बस स्टेशन ऋषिकेश में यह कह कर उतार दिया गया कि देवप्रयाग की सवारियां नहीं ले जाई जाएगी। इनमें बुजुर्ग सहित महिलाएं व बच्चे शामिल थे। काफी विनती करने के बाद श्रीनगर का किराया देने की शर्त पर परिचालक बस में बिठाने को तैयार हुआ। इसके लिए सवारियों से देवप्रयाग तक का 50 रुपया अतिरिक्त किराया लिया गया। प्रधान बमाणा रतन सिंह राणा ने जब इस पर आपत्ति जताई तो उनकी चालक व परिचालक के साथ झड़प हो गई। राणा ने परिवहन विभाग व बस संचालक निजी कंपनियों से यात्राकाल में स्थानीय लोगों को यातायात सुविधा उपलब्ध करवाए जाने की मांग की है।
चारधाम यात्रा की शुरुआत होते ही बस चालक मनमानी पर उतर आए है। वह निकट क्षेत्रों में जाने वाली सवारियों को बस में बैठाने को तैयार नहीं है। देवप्रयाग निवासी गबर सिंह सजवाण व दर्शनी देवी ने बताया कि मंगलवार को ऋषिकेश से देवप्रयाग आनेवाली करीब बारह सवारियों को बस स्टेशन ऋषिकेश में यह कह कर उतार दिया गया कि देवप्रयाग की सवारियां नहीं ले जाई जाएगी। इनमें बुजुर्ग सहित महिलाएं व बच्चे शामिल थे। काफी विनती करने के बाद श्रीनगर का किराया देने की शर्त पर परिचालक बस में बिठाने को तैयार हुआ। इसके लिए सवारियों से देवप्रयाग तक का 50 रुपया अतिरिक्त किराया लिया गया। प्रधान बमाणा रतन सिंह राणा ने जब इस पर आपत्ति जताई तो उनकी चालक व परिचालक के साथ झड़प हो गई। राणा ने परिवहन विभाग व बस संचालक निजी कंपनियों से यात्राकाल में स्थानीय लोगों को यातायात सुविधा उपलब्ध करवाए जाने की मांग की है।
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