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यहां कुर्सियों के सहारे हैं 'प्रेगनेंट वुमेन'

Mon, 02 Sep 2013 07:16 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Mon, 02 Sep 2013 07:16 PM IST
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patient transported to the hospital with a Chairs

उत्तराखंड में आपदा ने किस कदर कहर ढाया है यह आम लोगों की दिनचर्या में भी झलक रहा है। प्रसव पीड़ित महिलाओं को आजकल राज्य के पहाड़ी हिस्सों में कुर्सियों के सहारे अस्पताल पंहुचाया जा रहा है।

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आपदा के दौरान बंद हुए घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग के छोटे वाहनों के लिए खुल जाने के बाद भी घाट ब्लॉक के गांवों की दुश्वारियां कम नहीं हो पा रही हैं।

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कुर्सियों के सहारे रोगी
ब्लॉक के आठ संपर्क मार्ग अभी भी बंद पड़े हैं। इन हालातों में ग्रामीण बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को कुर्सियों के सहारे अस्पताल तक पहुंचा रहे हैं।
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यही नहीं आपदा ने किसानों की आर्थिक कमर तोड़ दी है। सड़कें दुरुस्त नहीं होने से भारी मात्रा में उत्पादित होने वाली आलू की नकदी फसल खेतों में ही गलने लगी है। क्षेत्र के ग्रामीण लगातार संपर्क और पैदल मार्गों को खुलवाने की मांग कर रहे हैं।

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डेली नीड्स की सप्लाई बंद
मालूम हो कि घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग 24 जुलाई को थिरपाक में सड़क बह जाने से बंद हो गया था। इससे क्षेत्र में रसद सहित दैनिक वस्तुओं की सप्लाई बंद हो गई।

लोनिवि ने थिरपाक में पुल का निर्माण कर इस मार्ग को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया है। लेकिन मोटर मार्ग में कई स्थानों में भूस्खलन और भूधंसाव होने से बड़े वाहनों का संचालन अभी नहीं हो पा रहा है।

पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त
इससे क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल, विद्युत लाइनों के सुधारीकरण कार्य के लिए भी सामान नहीं पहुंच पा रहा है।


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पेयजल और विद्युत की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

फसलें हुई बर्बाद
घाट के बंगाली निवासी बलवंत सिंह, मनोहर सिंह, सुजान सिंह का कहना है कि संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में रसद और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई ठप होने के बाद अब आलू की पूरी फसल खेतों में गलने लगी है जिससे क्षेत्र में प्रत्येक काश्तकार को कम से कम 25 हजार रुपये का नुकसान उठाना पडे़गा।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मार्ग नहीं खुलते तो ग्रामीणों का यह नुकसान और भी अधिक हो सकता है। ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से क्षेत्र के संपर्क और पैदल मार्गों को शीघ्र खुलवाने की मांग उठाई है।

क्या कहते हैं अधिकारी
घाट ब्लॉक में मोटर मार्गों के सुधारीकरण कार्य में भूमि की दिक्कत आ रही थी जिन्हें सुलझा लिया गया है। अब सभी संपर्क मार्गों पर कार्य शुरू कर दिया गया है। रुक-रुककर हो रही बारिश से मोटर मार्गों को खुलवाने में दिक्कतें आ रही हैं। हफ्ते भर में विकासखंड के सभी संपर्क मार्गों पर आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।
- प्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि कर्णप्रयाग

बंद पड़े मोटर मार्ग
घाट-कुरुड़-रामणी, घाट-सलबगड-सितेल, घाट-कांडई-पगना, मोलागाड़-मटई-बैराकुंड, लुंडतरा-खुनाडा, घाट-भेंटी, सेरा-मोख-बासबाडा, घाट-बांजबगड़-तेलाण।

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