फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   year ender 2023: Pithoragarh shocked by these murders, uttarakhand news

Year Ender 2023: इन हत्याओं से दहला उत्तराखंड का यह जिला, एक के बाद एक कत्ल, पुलिस भी रह गई थी हैरान

Fri, 29 Dec 2023 12:18 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 29 Dec 2023 12:18 PM IST
सार

साल 2023 खत्म होने वाला है। यह साल गुजरते-गुजरते उत्तराखंड को कई दर्द और जख्म दे गया है। वहीं कुछ घटनाओं ने पिथौरागढ़ और चंपावत जिले के साथ ही पूरे कुमाऊं में सनसनी भी पैदा की। आइये खबर में जानते है इन घटनाओं के बारे में...

विज्ञापन
year ender 2023: Pithoragarh shocked by these murders, uttarakhand news
कत्ल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साल 2023 के बीतने में अब केवल तीन दिन ही शेष बचे हैं। यह साल गुजरते-गुजरते कई लोगों को उम्रभर का दर्द और जख्म तो दे ही गया, वहीं कुछ घटनाओं ने पिथौरागढ और चंपावत जिले के साथ ही पूरे कुमाऊं में सनसनी भी पैदा की। पहाड़ों के कठिन जीवन में जिंदगी को जंगली जानवराें ने भी कड़ी चुनौती बनाया। जंगली जानवरों (बाघ और तेंदुओं) के हमले में किसी ने अपनी जान गंवाई तो किसी को जिंदगी भर के लिए जख्मों के निशान मिले...
विज्ञापन


इस वर्ष हुई बड़ी दुर्घटनाएं 
तीन मार्च 2023 को कालापानी-नाभीढांग सड़क पर सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एक जवान की मौत। नौ अक्तूबर 2023 को तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर वाहन दुर्घटना में सात लोगों की जान गई। 24 अक्तूबर को इसी सड़क पर एक और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें छह लोगों की जान चली गई थी। 12 दिसंबर को पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर पलेटा के पास कार खाई में गिरने से पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की मौत। इसके अलावा साल भर में विभिन्न सड़क हादसों में 17 लोगों की जान चली गई। 
विज्ञापन


चौहरे हत्याकांड से फैली सनसनी 
पिथौरागढ़ जिले के बुरसम गांव में 12 मई को बुरसम गांव के चंतोला तोक निवासी संतोष कुमार ने पड़ोस में रहने वाली ताई हेमंती देवी (70) पत्नी स्व. शेर राम, चचेरी भाभी रमा देवी (26) पत्नी प्रकाश राम, मायके में आई चचेरी बहन माया देवी पत्नी दीपक राम की सुबह करीब पांच बजे बड़ियाठ से हत्या कर दी थी। इसके बाद संतोष कुमार ने भी पेड़ पर फंदे से लटककर जान दे दी थी। यह जिले के अब तक का सबसे जघन्य हत्याकांड था। इस हत्याकांड के बाद पूरे जिले में सनसनी रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जंगली जानवरों ने छीन ली जिंदगी
गंगोलीहाट के कोठेरा गांव में तेंदुआ 30 अक्तूबर को दो वर्ष तीन माह के मासूम को आंगन से उठाकर ले गया था। एक अन्य घटना में ग्राम पंचायत चचरेत के कलेत तोक में शंकर दत्त रूवाली की चार साल की बेटी राखी आंगन में खेल रही थी। तभी तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। जब तक उसके माता-पिता कुछ समझ पाते तेंदुआ उसे उठाकर जंगल की ओर भाग गया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची का शव क्षत विक्षत हालत में जंगल से बरामद किया गया था। तेंदुओं के हमलों के कारण लोग खौफ में जीने को विवश रहे। 

नेपाल की पत्थरबाजी 
धारचूला में काली नदी के तटबंध निर्माण कार्य के विरोध में मई में नेपाल की ओर से पत्थरबाजी की गई। इस घटना में एक मजदूर घायल हो गया था जबकि तटबंध निर्माण कार्य में लगी जेसीबी का शीशा पत्थर लगने से टूट गया था। इससे पूर्व भी नेपाल की ओर से कुछ अराजक तत्व पत्थरबाजी कर चुके थे। 

चंपावत में इन हादसों ने रुलाया

  • चंपावत जिले में इस साल 29 छोटे-बड़े सड़क हादसे हुए जिनमें 15 लोगों की मौत हो गई और 59 यात्री चोटिल हुए। पांच मार्च को दुधौरी में एक जीप के खाई में गिरने से चालक सहित चार ग्रामीणों की मौत। इस घटना के सिर्फ 18 दिन बाद ही 23 मार्च को ठुलीगाड़ में बस से कुचलकर पांच श्रद्धालुओं की जान चली गई। 19 जून को रीठा साहिब गुरुद्वारे से पंजाब लौट रही बस के धौन में दुर्घटनाग्रस्त होने से 34 तीर्थयात्री घायल हो गए। रोडवेज बस की खराब फिटनेस से जिले में इस साल 39 बस ने बीच रास्ते में दगा दिया। इस घटना में किसी तरह यात्रियों की जान बची। 

 

  • चंपावत जिले में इस साल पांच लोगों की हत्याएं हुईं। 17 जनवरी में पाटी में बरात में पिटाई से पूर्व ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह पाटनी की मौत हो गई थी। उसी माह टनकपुर में रेलवे ट्रैक के पास भोजीपुरा की एक युवती का शव मिला। चार फरवरी को रीठा साहिब के पास वारसी में स्वामी ध्यान योगी ने खुद को तमंचे से उड़ा जान दे दी। पांच मार्च को बाराकोट के सिमलटुकरा में ग्रामीण मदन सिंह की हत्या हुई। 14 मार्च को टनकपुर के बिचई गांव में बुजुर्ग भागीरथी देवी की हत्या हुई। 17 मई को चंपावत के पास के गांव में प्रेम प्रसंग में कथावाचक ने गला घोंटकर अनु. जाति वर्ग की युवती की हत्या। 

 

  • सूखीढांग के पास गजार के जंगल में दो जुलाई को हुई वारदात में भोजनमाता चंद्रावती (39) की जान चली गई। इसके अलावा बाघ और तेंदुए ने जिले में 31 लोगों को जख्मी किया। तेंदुए के खौफ से पिंजरा लगने से लेकर गश्त बढ़ाने के अलावा दो माह तक एनएच पर रात में दोपहिये वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा टनकपुर क्षेत्र में 26 दिसंबर को जंगल में घास लेने गई गीता देवी पर बाघ ने दो बार हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। महिला के साथ गईं उसकी साथी जानकी देवी और पार्वती देवी ने हिम्मत दिखाते हुए गीता देवी की जान बचाई।


मलबे ने किया परेशान
आपदा से इस साल एक मौत हुई लेकिन उससे भी अधिक दिक्कत मार्ग बंद होने की रही। टनकपुर से पूर्णागिरि धाम जाने वाली सड़क बाटनागाड़ नाले में छह मीटर तक आए मलबे से 17 दिन तक बंद रही। सड़क को खोलने के लिए प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed