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कोरोना की दहशत के बीच पानी की चिंता

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 01 May 2021 10:28 PM IST
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Worries of water amid Corona's panic
हल्द्वानी। गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल का संकट भी गंभीर होता जा रहा है। शहर के ग्रामीण इलाकों बच्चीनगर, जयपुर पाडली, पनियाली के नलकूपों के खराब होने से लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं कई इलाकों में लीकेज के चलते पेयजल आपूर्ति बाधित है।
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तल्ली हल्द्वानी, कठघरिया, करायल जौलासाल, रामड़ी, फतेहपुर, लामाचौड़, मोरारजी नगर, सुयाल कालोनी, कोहली कालोनी, बिठौरिया, भगवानपुर, हिम्मतपुर तल्ला समेत तमाम इलाकों में कनेक्शनों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। क्षेत्रवासी निजी टैंकरों से पेयजल खरीदने को विवश हैं।
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जलसंस्थान के अपर सहायक अभियंता पंकज उपाध्याय ने बताया कि तल्ली हल्द्वानी, बरेली रोड में कई स्थानों पर पेयजल लाइनों की लीकेज ठीक की गई। कोविड काल में जलसंस्थान के फील्ड कर्मचारी लीकेज लाइनों को दुरुस्त कराने में लगे रहे। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल वितरित किया जा रहा है। आज भी सात विभागीय और 12 किराए के टैंकरों से शहर केतमाम इलाकों में पेयजल वितरित किया गया।
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सिर्फ 48 क्यूसेक रह गया गौला का स्तर
हल्द्वानी। गौला बैराज का जलस्तर पिछले 40 वर्षों में एक मई 2021 को सबसे कम 48 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया है। 2018 में 28 मई को गौला का जलस्तर 49 क्यूसेक रिकार्ड किया गया था जो इससे पूर्व सबसे कम आंका गया था। गौला में 40 वर्षों में सर्वाधिक जलस्तर 12 सितंबर 1993 को 123900 क्यूसेक दर्ज किया गया। इस बार पहली मई को ही गौला का जलस्तर 48 क्यूसेक तक जाने से कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द बारिश नहीं हुई तो गौला और भी न्यूनतम स्तर पर आ सकती है। इससे पेयजल और सिंचाई का संकट पैदा हो जाएगा।

सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अवर अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि 1981 में गौला बैराज बनने के बाद एक मई 2021 को गौला अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। गौला बैराज से 30 क्यूसेक पानी जलसंस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट को पेयजल के लिए दिया जाता है। अब सिंचाई के लिए मात्र 18 क्यूसेक पानी बचा है। क्षेत्र में 12500 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि है। चार मुख्य नहरों से इलाके में सिंचाई होती है। गौला में पानी नहीं होने से पूरे इलाके की सिंचाई व्यवस्था ठप है। काश्तकार तारा सिंह बिष्ट, जीवन सिंह, हरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि गेहूं की कटाई हो गई है।अब धान की पौध लगाने की तैयारी है।
गौला में पिछले 12 वर्षों में न्यूनतम जलस्तर (क्यूसेक)
वर्ष दिनांक न्यूनतम जलस्तर
2010 04 जून 58
2011 11 मई 95
2012 15 जून 68
2013 15 मई 94
2014 11 जून 95
2015 26 जून 64
2016 22 मई 64
2017 10 मई 52
2018 28 मई 49
2019 06 जून 57
2020 31 दिसंबर 109
2021 01 मई 48
गौला में पिछले 12 वर्षों में अधिकतम जलस्तर
वर्ष दिनांक अधिकतम जलस्तर (क्यूसेक में)
2010 19 सितंबर 58316
2011 16 अगस्त 61664
2012 17 सितंबर 10800
2013 13 जुलाई 27275
2014 19 जुलाई 45353
2015 06 जुलाई 4140
2016 17 अगस्त 23046
2017 12 जुलाई 27576
2018 26 अगस्त 5240
2019 01 अक्तूबर 9490
2020 18 जुलाई 8968
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