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गौला नदी का जलस्तर कम होने से बढ़ी अफसरों की चिंता

Thu, 04 May 2017 01:36 AM IST
कैलाश पाठक
कैलाश पाठक Updated Thu, 04 May 2017 01:36 AM IST
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Worried about the increase in water level of Gaula river
पानी - फोटो : getty

गौला नदी का जलस्तर कम होने से हल्द्वानी में पानी का संकट गहराने लगा है। लोग तो परेशान हैं हीं पेयजल विभाग के अधिकारियों की चिंता भी बढ़ गई है। उनके मुताबिक पानी का स्तर इसी तरह गिरता रहा तो इस बार भीमताल झील से पानी लेना पड़ सकता है।

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गौला का जलस्तर सबसे न्यूनतम स्तर 55 क्यूसेक में आ गया है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष कुमार उपाध्याय  का कहना है कि जलस्तर इसी तरह गिरता रहा तो सिर्फ पीने के लिए ही पानी मुहैया हो सकेगा।
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सिंचाई के लिए पानी देना संभव नहीं होगा। इस मामले में सिंचाई विभाग और जलसंस्थान के अधिकारियों की जल्द बैठक होने की संभावना है। संतोष कुमार उपाध्याय के मुताबिक गौला से उन्हें 30 क्यूसेक पानी नहीं मिला तो फिल्टर प्लांट चलाना मुश्किल हो जाएगा।
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ऐसी स्थिति में भीमताल झील से कम से कम 25 से 30 क्यूसेक पानी लेना पड़ेगा। इतना पानी नहीं मिला तो लाइनों में प्रेशर नहीं होने से पानी की सप्लाई को सामान्य बनाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को बृहस्पतिवार को पेयजल मंत्री प्रकाश पंत के सामने भी उठाया जाएगा।

उनसे आग्रह किया जाएगा कि अंग्रेजों के जमाने से गर्मियों में भीमताल झील से भाबर की पेयजल व्यवस्था होती थी। पिछले साल क्षेत्रवासियों के विरोध के कारण भीमताल झील से हल्द्वानी शहर के लिए पानी नहीं दिया गया।

इस बार गौला का जलस्तर बैराज बनने से अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। जल्दी पेयजल व्यवस्था नहीं होने पर और संकट पैदा हो सकता है। पेयजल मंत्री से भीमताल झील से पानी दिलाने का आग्रह किया जाएगा।

विभागों के पास नहीं है कोई कार्ययोजना

जलसंस्थान के पास पेयजल संकट से निपटने के लिए कोई कार्ययोजना नहीं है। विभाग के पास पांच ट्रक माउंटेड और एक ट्रैक्टर टैंकर हैं। इसके अलावा चार प्राइवेट टैंकर किराए पर लिए गए हैं। गौला के साथ ही ट्यूबवेलों का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है।

इतने बड़े शहर की पेयजल व्यवस्था सिर्फ 10 टैंकरों से सहारे है। इसके अलावा पेयजल संकट से किस तरह निपटा जाएगा, इसको लेकर विभाग ने किसी तरह का प्लान नहीं बनाया है। पूर्व में पेयजल संकट से निपटने के लिए कैंटीजेंट मद में पैसा मिलता था। यह भी कई सालों से नहीं मिल रहा है।

आवास विकास का नलकूप भी खराब

लखनपुर, जज फार्म के बाद आवास विकास के नलकूप की मोटर भी फुंक गई है। जिस वजह से इलाके में गंभीर पेयजल संकट पैदा हो गया है। गौलापार के नकायल में भी स्रोत का पानी सूख गया है।

क्षेत्रवासी जलसंस्थान दफ्तर पहुंचे थे। सुनील पांडे ने बताया कि नकायल क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए दो-दो किमी दूर तक जाना पड़ रहा है। सहायक अभियंता आरपी डोबवाल ने बताया कि नकायल की लाइन ठीक कराने और स्रोत की मरम्मत के लिए सामग्री दे दी गई है। जल्द व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।


मंत्री जी! कब बनेगा इनफिल्ट्रेशन वैल

प्रकाश पंत पांच साल साल पहले भाजपा सरकार में भी पेयजल मंत्री थे। तब उन्होंने गौला से सप्लाई होने वाले प्रदूषित पानी से निजात दिलाने के लिए गौला में इनफिल्ट्रेशन वैल बनाने की बात कही थी। लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं हुआ। इनफिल्ट्रेशन वैल को लेकर अभी तक प्रस्ताव ही तैयार नहीं किया गया।

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