छात्रा बोलीं: छुट्टी के समय गेट पर खड़े मनचले करते हैं घर तक पीछा, ऑटो वाले जबरन बैठाने के लिए लगाते हैं भीड़
बढ़ती महिला हिंसा पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से स्कूलों में आयोजित की जा रही कार्यशालाओं में चौकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं।
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हल्द्वानी में बढ़ती महिला हिंसा पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से स्कूलों में आयोजित की जा रही कार्यशालाओं में चौकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। शुक्रवार को जेल रोड स्थित जीजीआईसी में हुई कार्यशाला में छात्राओं ने खुलकर अपनी बात अधिकारियों के समक्ष रखी। छात्राओं ने कहा कि स्कूल की छुट्टी के समय गेट के पास खड़े मनचले छेड़खानी तो करते ही हैं साथ ही कई बार उनका घर तक पीछा भी करते हैं। ऑटो वाले जबरदस्ती बैठाने के लिए भीड़ लगाते हैं। मनचले झुंड में नशा करते हैं और तेज रफ्तार गाड़ियों से लड़कियों को छेड़ते हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत हुई कार्यशाला में मौजूद पुलिस, स्वास्थ, शिक्षा और परिवीक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं से उनकी समस्याएं जानीं। अपर निदेशक प्रशिक्षण ऋचा सिंह व बाल विकास अधिकारी शिल्पा जोशी ने ऐसे स्थानों की जानकारी देने को कहा जहां छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
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छात्राओं ने हीरानगर का योगा पार्क, बागजाला वाला रास्ता, गौलापार, त्रिमूर्ति मंदिर के पास, कमलुआगांजा, लालडांठ चैराहा, तीन नंबर फार्म, डहरिया, जवाहरनगर, अंबेडकर नगर, शनि बाजार और समता आश्रम गली का नाम लिया। छात्राओं ने सुझाव दिया कि स्कूलों की छुट्टी होने पर नियमित रूप से पुलिस की गश्त हो, ऑटो व ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया जाए। ऑटो व रिक्शा स्टैंड और अन्य चिह्नित स्थानों पर पेट्रोलिंग हो।
अधिकारियों ने कहा कि चिह्नित स्थानों और कारणों के साथ समिति अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेगी ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके। कार्यशाला में डाॅ. आयुषी, एएसआई ज्योति कोरंगा, जिला प्रोबेशन कार्यालय से तबस्सुम, शिक्षा विभाग की यशोदा शाह, प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएं आदि थे।