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डेढ़ साल से लटका है काम, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद याद आया विद्युत शवदाह गृह
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हल्द्वानी। विद्युत शवदाह गृह का काम वेबकॉश ही करेगी या अन्य कंपनी से काम पूरा कराया जाएगा। इसका फैसला एक सप्ताह में हो जाएगा। नगर निगम ने खामियां मिलने के बाद वेबकॉश को नोटिस भेजा था। खामियां न सुधारने पर दूसरी कंपनी को काम दे दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह महीने के भीतर नगर पालिकाओं/निगमों में विद्युत शवदाह गृह स्थापित कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद नगर निगम भी हरकत में आ गया है। बता दें कि नदी को दूषित होने से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के तौर पर 1.16 करोड़ की धनराशि प्रदान की थी। छह फरवरी 2021 को भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत व मेयर जोगेंद्र रौतेला ने योजना का शिलान्यास किया था। इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
शासन से बजट नहीं मिलने के कारण फरवरी 2022 से योजना का काम अटका हुआ है। शासन ने दूसरी किस्त के तौर पर पिछले महीने 1.16 करोड़ की राशि जारी कर दी है। अब योजना का शेष काम शुरू होने की उम्मीद है। बजट मिलने के बाद मेयर और नगर आयुक्त ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया था कि लिंटर मोटा-पतला है। खिड़कियां सही नहीं लगी हैं। प्लास्टर में दरारें हैं।
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इस पर नगर आयुक्त ने वेबकॉश को नोटिस भेजा था। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि कंपनी कार्यकारिणी निदेशक एके गहलोत नगर निगम आए थे। उन्होंने खामियों को दुरुस्त करने की बात कही थी। कहा कि कंपनी खामियों को दुरुस्त करेगी तो काम कंपनी को दिया जाएगा। खामियों को दुरुस्त नहीं किया गया तो दूसरी कंपनी को ठेका दे दिया जाएगा। कहा कि इस मामले में एक सप्ताह में निर्णय ले लिया जाएगा। कहा कि दो महीने में विद्युत शवदाह गृह का काम पूरा करा लेने की उम्मीद है।
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बृहस्पतिवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह महीने के भीतर नगर पालिकाओं/निगमों में विद्युत शवदाह गृह स्थापित कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद नगर निगम भी हरकत में आ गया है। बता दें कि नदी को दूषित होने से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के तौर पर 1.16 करोड़ की धनराशि प्रदान की थी। छह फरवरी 2021 को भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत व मेयर जोगेंद्र रौतेला ने योजना का शिलान्यास किया था। इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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शासन से बजट नहीं मिलने के कारण फरवरी 2022 से योजना का काम अटका हुआ है। शासन ने दूसरी किस्त के तौर पर पिछले महीने 1.16 करोड़ की राशि जारी कर दी है। अब योजना का शेष काम शुरू होने की उम्मीद है। बजट मिलने के बाद मेयर और नगर आयुक्त ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण में पाया गया था कि लिंटर मोटा-पतला है। खिड़कियां सही नहीं लगी हैं। प्लास्टर में दरारें हैं।
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इस पर नगर आयुक्त ने वेबकॉश को नोटिस भेजा था। नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि कंपनी कार्यकारिणी निदेशक एके गहलोत नगर निगम आए थे। उन्होंने खामियों को दुरुस्त करने की बात कही थी। कहा कि कंपनी खामियों को दुरुस्त करेगी तो काम कंपनी को दिया जाएगा। खामियों को दुरुस्त नहीं किया गया तो दूसरी कंपनी को ठेका दे दिया जाएगा। कहा कि इस मामले में एक सप्ताह में निर्णय ले लिया जाएगा। कहा कि दो महीने में विद्युत शवदाह गृह का काम पूरा करा लेने की उम्मीद है।