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पिरूल से आजीविका बढ़ाएं महिलाएं : डॉ. धनंजय मोहन

Mon, 26 May 2025 02:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Mon, 26 May 2025 02:31 AM IST
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Women. increase. livelihood. through Pirul. Dr. Dhananjay.
नैनीताल/भवाली/मुक्तेश्वर। प्रमुख वन संरक्षक ने रविवार को नैनीताल वन प्रभाग में वनाग्नि प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पिरूल से रोजगार योजना की भी समीक्षा की और ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं।
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प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन ने नैनीताल वन प्रभाग, नैनीताल की उत्तरी गौला, दक्षिणी गौला, मनोरा, भवाली व नैना रेंज का निरीक्षण किया। वनाग्नि की कम घटनाओं पर विभाग की ओर से किए गए रोकथाम के कार्यों को सराहा। पिरूल से रोजगार योजना के तहत जुड़े कई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उन्होंने फीडबैक लिया।
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डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि पिरूल से रोजगार योजना के सफल संचालन के लिए फ्यूचर एनेर्जी, सितारगंज व सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के साथ अनुबंध भी किया गया है। अन्य कंपनियों को भी जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। बताया कि अलग-अलग स्वयं सहायता समूह की 150 महिलाओं की ओर से अब तक तीन हजार क्विंटल से अधिक पिरूल जमा किया जा चुका है।
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इस दौरान वन संरक्षक दक्षिणी कुमाऊं वृत्त टीआर बीजूलाल, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त डाॅ. विनय कुमार भार्गव, उप प्रभागीय अधिकारी हेम चंद्र गहतोड़ी, एसडीओ ममता चंद, रेंजर नितिन पंत, वन क्षेत्राधिकारी ममता चंद व नितिन पंत मौजूद रहे।



स्वयं सहायता समूह की सदस्यों से लिया फीडबैक

उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख धनंजय मोहन ने रविवार को भटेलिया और मुक्तेश्वर में पिरूल एकत्रीकरण की जानकारी ली। उन्होंने ओखलकांडा के झडगांव और भटेलिया के जय दुर्गा मां स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के साथ वार्ता की। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अब तक फायर सीजन में करीब 1500 क्विंटल पिरूल बाय-बैक व्यवस्था (एमओयू) के तहत सितारगंज में मैसर्स सेंचुरी पल्प एंड पेपर लिमिटेड और फ्यूचर बायो एनर्जी को भेजा है। धनंजय मोहन ने कहा कि यह पहल न केवल वनाग्नि रोकथाम में सहायक है, बल्कि वन संरक्षण और आजीविका के अवसर भी बढ़ा रही है।
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