{"_id":"6619b5eb03a939fe8f0f9c04","slug":"women-employees-received-show-cause-notice-a-week-after-investigation-haldwani-news-c-337-1-shld1032-108462-2024-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: जांच के एक हफ्ते बाद महिला कर्मियों को मिला कारण बताओ नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: जांच के एक हफ्ते बाद महिला कर्मियों को मिला कारण बताओ नोटिस
Sat, 13 Apr 2024 04:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Sat, 13 Apr 2024 04:00 AM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में फरवरी में लाखों रुपये के वित्तीय गबन के मामले की जांच पूरी होने के करीब एक हफ्ते बाद मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने महिला कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जांच में पंजीकरण विभाग में कार्यरत उपनल महिला कर्मी (डाटा एंट्री आपरेटर) मुख्य दोषी निकली थीं। उन्होंने पंजीकरण का प्रतिदिन का पैसा काम खत्म होने के बाद रिसेप्शन में जमा नहीं किया था। जिसमें 946 रसीदें और 7,57867 लाख रुपये जमा नहीं किए थे। इसके अलावा जांच अधिकारी ने पंजीकरण प्रभारी और सहायक महिला कर्मी को भी जांच अधिकारी ने दोषी माना था।
जांच के दौरान मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से उपनल महिला कर्मी को हटा दिया गया था और पंजीकरण प्रभारी और सहायिका को प्राचार्य कार्यालय में अटैच किया गया था। पूरे प्रकरण की जांच वित्त नियंत्रक एसपी सिंह की ओर से की गई। उन्होंने एक साल की रसीदों की जांच की और संबंधित सभी पक्ष के बयान लेने के बाद 38 दिन में जांच पूरी की।
विज्ञापन
इधर प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि लापरवाही बरतने वाली दोनों महिला कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनसे नियमित रूप से बिलिंग का पैसा जमा नहीं करने के बारे में जवाब मांगा गया है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। कारण का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। संवाद
विज्ञापन
जांच में पंजीकरण विभाग में कार्यरत उपनल महिला कर्मी (डाटा एंट्री आपरेटर) मुख्य दोषी निकली थीं। उन्होंने पंजीकरण का प्रतिदिन का पैसा काम खत्म होने के बाद रिसेप्शन में जमा नहीं किया था। जिसमें 946 रसीदें और 7,57867 लाख रुपये जमा नहीं किए थे। इसके अलावा जांच अधिकारी ने पंजीकरण प्रभारी और सहायक महिला कर्मी को भी जांच अधिकारी ने दोषी माना था।
विज्ञापन
जांच के दौरान मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से उपनल महिला कर्मी को हटा दिया गया था और पंजीकरण प्रभारी और सहायिका को प्राचार्य कार्यालय में अटैच किया गया था। पूरे प्रकरण की जांच वित्त नियंत्रक एसपी सिंह की ओर से की गई। उन्होंने एक साल की रसीदों की जांच की और संबंधित सभी पक्ष के बयान लेने के बाद 38 दिन में जांच पूरी की।
विज्ञापन
इधर प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि लापरवाही बरतने वाली दोनों महिला कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनसे नियमित रूप से बिलिंग का पैसा जमा नहीं करने के बारे में जवाब मांगा गया है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। कारण का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। संवाद