{"_id":"652316a0c19f435c750d3ad5","slug":"why-the-childs-operation-was-not-done-explanation-will-have-to-be-given-haldwani-news-c-8-1-hld1006-240406-2023-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: बच्चे का ऑपरेशन क्यों नहीं हुआ, देना होगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: बच्चे का ऑपरेशन क्यों नहीं हुआ, देना होगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में बागेश्वर के बच्चे की मौत के मामले अस्पताल की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। अस्पताल प्रबंधन ने न्यूरो सर्जरी और एनस्थीसिया विभाग सर्जरी नहीं करने पर जवाब मांगा है। सूत्रों के अनुसार मामले की जांच दूसरी संस्था से भी कराने पर विचार किया जा रहा है।
सात सितंबर को कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में बागेश्वर के गरुड़ निवासी कृष्णा की ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हो गई थी। मौत की वजह सर्जरी के लिए तैयार करने के बाद ऑपरेशन में देरी करने का आरोप था। इस मामले में न्यूरो सर्जरी और एनस्थीसिया विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। अब अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की फाइल मांगी है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन क्यों नहीं किया? इसकी क्या वजह रही? डॉक्टर थे कि नहीं, फिटनेस दी गई की नहीं? इमरजेंसी का मामला था कि नहीं? समेत अन्य बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सूत्रों के अनुसार पूरे मामले से शासन को भी अवगत कराने की तैयारी चल रही है। स्पष्टीकरण के बाद मामले की जांच बाहरी संस्था से कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
यह बेहद संवेदनशील विषय है, इसमें सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। बच्चे का ऑपरेशन किन परिस्थितियों में नहीं हो सका है, उसका पता किया जाएगा। दोनों विभाग के डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। इस मामले में सभी आवश्यक कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी
विज्ञापन
सात सितंबर को कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में बागेश्वर के गरुड़ निवासी कृष्णा की ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हो गई थी। मौत की वजह सर्जरी के लिए तैयार करने के बाद ऑपरेशन में देरी करने का आरोप था। इस मामले में न्यूरो सर्जरी और एनस्थीसिया विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। अब अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की फाइल मांगी है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन क्यों नहीं किया? इसकी क्या वजह रही? डॉक्टर थे कि नहीं, फिटनेस दी गई की नहीं? इमरजेंसी का मामला था कि नहीं? समेत अन्य बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सूत्रों के अनुसार पूरे मामले से शासन को भी अवगत कराने की तैयारी चल रही है। स्पष्टीकरण के बाद मामले की जांच बाहरी संस्था से कराने पर भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
यह बेहद संवेदनशील विषय है, इसमें सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। बच्चे का ऑपरेशन किन परिस्थितियों में नहीं हो सका है, उसका पता किया जाएगा। दोनों विभाग के डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। इस मामले में सभी आवश्यक कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी