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ऊधमसिंह नगर की चावल मिलों पर मेहरबानी क्यों
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Wed, 06 Sep 2017 02:32 AM IST
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- फोटो : demo pic
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तीन नोटिस के बाद भी ऊधमसिंह नगर की चावल मिलें अपना खराब चावल बदलने को तैयार नहीं हैं। 12 दिन बीत जाने के बाद भी इन मिलों ने अभी तक चावल भेजना शुरू नहीं किया है जबकि नैनीताल जिले की मिलों ने चावल बदलना शुरू कर दिया है।
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बताया जा रहा है कि मंत्री और विधायकों की ओर से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
कमलुवागांजा और मंडी स्टेट पूल गोदाम में चावल के 42 नमूने फेल हो गए थे। इन चट्टों में ऊधमसिंह नगर की लगभग 45 और नैनीताल की 20 मिलों का चावल लगा है। नोटिस के बाद नैनीताल जिले की मिलों ने चावल भेजना शुरू कर दिया है लेकिन ऊधमसिंह नगर की मिलें शांत बैठी हैं।
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सूत्रों की मानें तो ऊधमसिंह नगर के मंत्री और विधायक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों पर चावल नहीं बदलने के लिए दबाव बना रहे हैं।
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एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री के दबाव में उच्च अधिकारी तीन दिन नोटिस देने के बाद भी मिलों पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं, जबकि छंटाई के लिए बनी जांच टीम की ओर से भेजे गए नोटिस में साफ लिखा है कि तीन दिन में मानकों के अनुरूप चावल नहीं देने पर मिलों को काली सूची में डाल दिया जाएगा।
ऊधमसिंह नगर की चावल मिलों की ओर से अभी तक चावल नहीं भेजा गया है। मिलें चावल नहीं भेजती हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
- वीएस धानिक संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं
तीन गाड़ी चावल आया
मंगलवार को नैनीताल जिले की तीन चावल मिलों ने 900 कट्टा चावल भेजा, जो जांच में सही पाया गया। इस चावल को मंडी स्टेट पूल गोदाम में उतारा गया। हालांकि इतना ही अधोमानक चावल मिलों को वापस कर दिया गया।