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Nainital News: पिलर नंबर पांच में 20 मीटर का अंतर आया तो टीम लौटी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Jan 2023 11:32 PM IST
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When there was a difference of 20 meters in pillar number five, the team returned
हल्द्वानी। रेलवे भूमि प्रकरण मामले में प्रशासन, राजस्व, वन, रेलवे और नगर निगम की टीम ने मंगलवार को तीसरे दिन भी सर्वे किया। टीम ने वन विभाग के पिलर नंबर सात, छह और पांच का सीमांकन किया। पिलर नंबर पांच में करीब 20 मीटर का अंतर मिला। इस पर टीम ने सर्वे का काम रोक दिया। टीम इसके बाद कार्यालय पहुंची। यहां वन विभाग, राजस्व और रेेलवे के नक्शों का मिलान किया गया। इसी के साथ प्रशासन ने अतिरिक्त सर्वेयर भी बुलाए हैं। बुधवार से दोबारा सर्वे होगा।
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एडीएम अशोक जोशी के नेतृत्व में टीम मंगलवार को इंदिरा नगर ठोकर पर पहुंची। टीम ने वन विभाग के पिलरों का सीमांकन शुरू किया। पिलर नंबर पांचए छह और सात को खोजा गया। वन विभाग के पिलर नंबर पांच में करीब 20 मीटर का अंतर आया। टीम ने यहां पर नक्शों का मिलान किया लेकिन अंतर सही नहीं हो पाया।
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उधर, तराई पूर्वी वन विभाग के डीएफओ संदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एडीएम अशोक जोशी और एसडीएम मनीष कुमार से बात की। इसके बाद तय हुआ कि एक बार फिर नक्शों का मिलान किया जाए। प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सुबह की ब्रीफिंग में वन विभाग की सर्वे टीम नहीं पहुंच रही है। इस पर डीएफओ संदीप कुमार ने टीम को सुबह 10 बजे ब्रीफिंग में पहुंचने के निर्देश दिए।
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एडीएम अशोक जोशी ने बताया कि पिलर नंबर पांच में कुछ अंतर आ रहा है। इस कारण सर्वे का काम रोक दिया गया है। अतिरिक्त सर्वेयर बुलाए जा रहे हैं। बुधवार को दोबारा सर्वे किया जाएगा। कहा कि वन विभाग की जमीन का पता चल जाएगा कि कहां तक है। इसके बाद रेलवे की जमीन की नपाई होगी। अंत में राजस्व की जमीन की नपाई होगी।
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डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से होगा सर्वे
हल्द्वानी। जिला प्रशासन वन, रेलवे और राजस्व की जमीन का सर्वे बुधवार को डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग (डीजीपीएस) सिस्टम से कराएगा। इससे सर्वे होने के बाद वन विभाग के पिलरों की सटीक जानकारी मिल जाएगी। इसमें अंतर आने की संभावना बहुत कम होती है। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि मंगलवार को वन विभाग की जमीन का सीमांकन करने में करीब 10 से 20 मीटर का अंतर आ रहा था। इसे देखते हुए डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम से सर्वे किया जाएगा।
क्या है डीजीपीएस
हल्द्वानी। डीजीपीएस काफी सटीक तरीका है जिससे 10 सेंटीमीटर की निकटता तक जगह का पता लगाया जा सकता है। यह जीपीएस से बेहतर है। जीपीएस में 15 मीटर तक की दूरी का अंतर आ सकता है।

सीमांकन कार्य में बाहरी लोग भी भूमिका निभा रहे रू मेयर
हल्द्वानी। मेयर जोगेंद्र रौतेला ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में सीमांकन कार्य चल रहा है जिसमें एक बाहरी व्यक्ति को भी शामिल किया गया है। अन्य लोग भी सीमांकन में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह सीमांकन कार्य का उचित तरीका नहीं है। रेलवे की एक-एक इंच जमीन महत्वपूर्ण है जो रेलवे के विकासए कुमाऊं क्षेत्र के विकासए बेरोजगारी और पलायन रोकने के लिए जरूरी है। इसे संजीदगी से करना चाहिए। इधर, डीएम धीराज गर्ब्याल ने कहा कि प्रशासन की ओर से सीमांकन का कार्य किया जा रहा है। इसमें राजस्व, वनए रेलवे, निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति सीमांकन में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है। न ही इसे बर्दाश्त किया जाएगा।
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