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छह माह से क्षतिग्रस्त है राइंका धनियाकोट की पेयजल लाइन, 286 विद्यार्थी प्रभावित
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नैनीताल। बेतालघाट ब्लाक के राजकीय इंटर कालेज धनियाकोट में अध्ययनरत 286 छात्र छात्राएं पेयजल संकट झेल रहे हैं। पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण स्कूल में मध्याह्न भोजन बनाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
18 और 19 अक्तूबर को आई दैवीय आपदा में विद्यालय परिसर में हुए भूस्खलन के कारण वहां बिछी पेयजल लाइन पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी और स्कूल में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। पेयजल लाइन के टूटने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों के लिए पास के एक प्राकृतिक स्रोत से पानी की व्यवस्था की। गर्मी बढ़ने के साथ ही स्रोत में पानी लगातार कम हो रहा है।
ऐसे में विद्यालय प्रबंधन गर्मियों में पेयजल की व्यवस्था को लेकर परेशान है। राइंका धनियाकोट में कुल 286 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिसमें 155 बालिकाएं हैं। पानी की कमी के कारण विद्यालय में स्वच्छता संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय प्रबंध समिति और शिक्षक अभिभावक संघ के पदाधिकारियों के अलावा मल्लाकोट के प्रधान भावना जलाल, बोहराकोट की प्रधान पूजा पिनारी, तल्लाकोट की प्रधान दीपा देवी एवं कृपाल सिंह आदि ने जल जीवन मिशन के अध्यक्ष और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्कूल में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने की मांग की है।
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धनियाकोट के जनप्रतिनिधियों का राइंका धनियाकोट में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने संबंधी पत्र मिला है। संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही मौके पर भेजकर व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा ताकि छात्रों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। धीराज सिंह गर्ब्याल जिलाधिकारी नैनीताल
दो किमी दूर से पानी लाकर बच्चों के लिए बना रहे भोजन
गरमपानी। बेतालघाट ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज धनियाकोट में आपदा के बाद पेयजल लाइन के क्षतिगस्त होने से पानी न आने के चलते छात्र-छात्राओं को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष पंत ने बताया कि आपदा में विद्यालय को आने वाली पेयजल लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने से विद्यालय में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि भोजन माताएं पानी लाने के लिए दो किमी खड़ी चढ़ाई से पानी लाने को मजबूर है। पानी लाने के बाद बच्चों के लिए खाना बनाया जा रहा है। साथ ही शौचालय में पानी नहीं होने से भी विद्यार्थी बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए जल संस्थान, एसडीएम और डीएम को ज्ञापन सौंप चुके हैं। विद्यालय को आने वाली क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक नहीं कराया गया है। उन्होंने प्रशासन से स्कूली बच्चों की समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द पानी की समस्या का निस्तारण करने की मांग की है।
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18 और 19 अक्तूबर को आई दैवीय आपदा में विद्यालय परिसर में हुए भूस्खलन के कारण वहां बिछी पेयजल लाइन पूरी तरह से ध्वस्त हो गई थी और स्कूल में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। पेयजल लाइन के टूटने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों के लिए पास के एक प्राकृतिक स्रोत से पानी की व्यवस्था की। गर्मी बढ़ने के साथ ही स्रोत में पानी लगातार कम हो रहा है।
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ऐसे में विद्यालय प्रबंधन गर्मियों में पेयजल की व्यवस्था को लेकर परेशान है। राइंका धनियाकोट में कुल 286 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिसमें 155 बालिकाएं हैं। पानी की कमी के कारण विद्यालय में स्वच्छता संबंधी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। विद्यालय प्रबंध समिति और शिक्षक अभिभावक संघ के पदाधिकारियों के अलावा मल्लाकोट के प्रधान भावना जलाल, बोहराकोट की प्रधान पूजा पिनारी, तल्लाकोट की प्रधान दीपा देवी एवं कृपाल सिंह आदि ने जल जीवन मिशन के अध्यक्ष और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर स्कूल में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने की मांग की है।
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धनियाकोट के जनप्रतिनिधियों का राइंका धनियाकोट में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने संबंधी पत्र मिला है। संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही मौके पर भेजकर व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा ताकि छात्रों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। धीराज सिंह गर्ब्याल जिलाधिकारी नैनीताल
दो किमी दूर से पानी लाकर बच्चों के लिए बना रहे भोजन
गरमपानी। बेतालघाट ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज धनियाकोट में आपदा के बाद पेयजल लाइन के क्षतिगस्त होने से पानी न आने के चलते छात्र-छात्राओं को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष पंत ने बताया कि आपदा में विद्यालय को आने वाली पेयजल लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने से विद्यालय में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने बताया कि भोजन माताएं पानी लाने के लिए दो किमी खड़ी चढ़ाई से पानी लाने को मजबूर है। पानी लाने के बाद बच्चों के लिए खाना बनाया जा रहा है। साथ ही शौचालय में पानी नहीं होने से भी विद्यार्थी बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए जल संस्थान, एसडीएम और डीएम को ज्ञापन सौंप चुके हैं। विद्यालय को आने वाली क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक नहीं कराया गया है। उन्होंने प्रशासन से स्कूली बच्चों की समस्याओं को देखते हुए जल्द से जल्द पानी की समस्या का निस्तारण करने की मांग की है।