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Nainital News: चाचा की हत्या कर 14 साल से था फरार, एसटीएफ ने दबोचा
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संवाद न्यूज एजेंसी
हल्द्वानी। लालकुआं में जमीनी विवाद में अपने चाचा की हत्या करने के बाद भतीजा फरार हो गया था। 14 साल तक वह लापता रहा। आखिर एसटीएफ ने उसे हरियाणा से दबोच लिया। अब आरोपी पर कार्रवाई की जा रही है।
लालकुआं में प्रकाश पंत ने 10 दिसंबर-2009 को जमीन के बंटवारे को लेकर अपने चाचा दुर्गा दत्त पंत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से वह फरार था। नैनीताल पुलिस ने उसे पकड़ने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। एसटीएफ एसपी आयुष अग्रवाल के अनुसार, प्रकाश पंत दिल्ली, हरियाणा, बेंगलुरु, तमिलनाडु, गुजरात, पूना में पहचान छुपाकर रहा था। उसने अपना नया नाम ओमप्रकाश रख लिया था। वह लगातार अपनी जगह बदल देता था।
एसटीएफ ने सूचना तंत्र के आधार पर उसे हरियाणा के बल्लभगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त ने एसटीएफ को बताया कि वह पहले से फरीदाबाद में वैल्डिंग फैब्रिकेशन फीटर का काम करता था। चंपावत में पैतृक जमीनक को लेकर चाचा दुर्गादत्त पंत की हत्या कर दी थी। बताया कि साल 2016 में अभियुक्त ने उन्नाव की रहने वाले एक परिवार की लड़की पूजा से शादी भी कर ली और बाद में बल्लभगढ़ में मशीन के समान की वैल्डिंग की दुकान खोल ली। वहां वह बीते सात साल से रह रहा था। शादी के बाद उसे तीन बेटे हुए। अभियुक्त ने अफवाह फैला दी थी कि वह अब नेपाल में रह रहा है। हालांकि बाद में वह पकड़ में आ ही गया।
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हल्द्वानी। लालकुआं में जमीनी विवाद में अपने चाचा की हत्या करने के बाद भतीजा फरार हो गया था। 14 साल तक वह लापता रहा। आखिर एसटीएफ ने उसे हरियाणा से दबोच लिया। अब आरोपी पर कार्रवाई की जा रही है।
लालकुआं में प्रकाश पंत ने 10 दिसंबर-2009 को जमीन के बंटवारे को लेकर अपने चाचा दुर्गा दत्त पंत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तभी से वह फरार था। नैनीताल पुलिस ने उसे पकड़ने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। एसटीएफ एसपी आयुष अग्रवाल के अनुसार, प्रकाश पंत दिल्ली, हरियाणा, बेंगलुरु, तमिलनाडु, गुजरात, पूना में पहचान छुपाकर रहा था। उसने अपना नया नाम ओमप्रकाश रख लिया था। वह लगातार अपनी जगह बदल देता था।
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एसटीएफ ने सूचना तंत्र के आधार पर उसे हरियाणा के बल्लभगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त ने एसटीएफ को बताया कि वह पहले से फरीदाबाद में वैल्डिंग फैब्रिकेशन फीटर का काम करता था। चंपावत में पैतृक जमीनक को लेकर चाचा दुर्गादत्त पंत की हत्या कर दी थी। बताया कि साल 2016 में अभियुक्त ने उन्नाव की रहने वाले एक परिवार की लड़की पूजा से शादी भी कर ली और बाद में बल्लभगढ़ में मशीन के समान की वैल्डिंग की दुकान खोल ली। वहां वह बीते सात साल से रह रहा था। शादी के बाद उसे तीन बेटे हुए। अभियुक्त ने अफवाह फैला दी थी कि वह अब नेपाल में रह रहा है। हालांकि बाद में वह पकड़ में आ ही गया।
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