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वनाग्नि और आपदा को लेकर पद बना
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Sun, 19 Feb 2017 12:52 AM IST
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जंगलों में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
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वनों की आग और आपदा को लेकर वन विभाग में एक अलग पद सृजित हुआ है। भारतीय वन सेवा नियमावली-1966 के तहत संवर्ग नोटिफिकेशन बीते दिनों जारी हुआ था। इसमें आईएफएस कैडर की संख्या बढ़ाई गई है, उसमें यह पद दिया गया है।
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अपर प्रमुख वन संरक्षक (प्रशासन) मोनिष मल्लिक कहते हैं कि अभी तक प्रदेश में आईएफएस के 107 पद थे, जिनका संशोधन कर 112 किया गया है। इसमें एक पद मुख्य वन संरक्षक वन संरक्षण, वनाग्नि और आपदा प्रबंधन बना है।
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वनाग्नि और आपदा निपटने का कार्य में इस पद पर तैनात होने वाली अधिकारी की भी महती भूमिका होगी। इसके अलावा चार पद वन संरक्षक स्तर के बने हैं। यह वन विभाग की कार्ययोजना के लिए मिले हैं। इससे वर्किंग प्लान में अधिकारियों की कमी तो दूर होगी साथ में केंद्र ने कार्ययोजना बनाने में नियमों का संशोधन किया था, उसका भी पालन हो सकेगा।
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सीसीएफ विधि प्रकोष्ठ के पास कार्यभार
प्रदेश में वनाग्नि नियंत्रण का कार्य मुख्य वन संरक्षक विधि एवं प्रकोष्ठ कार्यालय के माध्यम से संचालित होता है। अपर प्रमुख वन संरक्षक मल्लिक कहते हैं कि यह पद बना रहेगा। हालांकि पहले मुख्य वन संरक्षक इको टूरिज्म और मुख्य वन संरक्षक इको टूरिज्म के अलग-अलग पद थे, उनको एक कर दिया गया है।