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Nainital News: माननीय मान जाइए...कृपया पर्यटन सीजन में मत आइए

Fri, 31 May 2024 11:44 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 31 May 2024 11:44 AM IST
सार

मई और जून में कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पर्यटन सीजन होता है वहीं गढ़वाल में चारधाम यात्रा की वजह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। लोगों का कहना है कि माननीय कुमाऊं की वादियों में जरूर आएं, लेकिन ऑफ सीजन में ताकि जनता परेशानी ना हो।

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VIP movement causing upset to local people and tourists in nainital uttarakhand
कृपया पर्यटन सीजन में मत आइए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मई और जून में कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पर्यटन सीजन होता है वहीं गढ़वाल में चारधाम यात्रा की वजह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में वीआईपी मूवमेंट होता है तो पहले से जाम से परेशान स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मुसीबत बढ़ जाती है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कैंची भ्रमण के बाद स्थानीय निवासी तो गुजारिश तक करने लगे हैं कि पर्यटन सीजन में वीवीआईपी इधर न आएं। क्योंकि उनकी फ्लीट की वजह से जाम की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि माननीय कुमाऊं की वादियों में जरूर आएं, लेकिन ऑफ सीजन में ताकि वीवीआईपी का दौरा जनता के लिए परेशानी का सबब न बने।

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मई-जून में अचानक से किसी माननीय का भ्रमण कार्यक्रम आ जाए तो प्रशासनिक अमले के साथ आम लोगों और नैनीताल शहर के स्कूली बच्चों की दिक्कत बढ़ जाती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि माननीय आप आते हैं और कुछ घंटे बिताने के बाद कभी सड़क मार्ग से तो कभी हवाई मार्ग से चले जाते हैं लेकिन जनता आपके आने से पहले और जाने के बाद भी कई घंटों तक जाम से जूझती रहती है।

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बृहस्पतिवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का कैंची दौरा प्रस्तावित था लिहाजा पूरा अमला बुधवार से ही उपराष्ट्रपति के खैरमकदम की तैयारियों में जुट गया। बुधवार दोपहर में हल्द्वानी के आर्मी ग्राउंड से कैंची तक उपराष्ट्रपति की फ्लीट की रिहर्सल हुई तो घंटों तक सड़क पर यातायात को रोका गया। इस दौरान भी मैदान से पहाड़ को आने-जाने वाले लोगों को दिक्कतें हुई। अल्मोड़ा से आने वाले लोगों को 200 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करने पड़ा, क्योंकि टैक्सियां रूट बंद होने से कई किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर आईं। बृहस्पतिवार को माननीय के आने से दो घंटे पहले और जाते वक्त भीमताल-रानीबाग रोड को जीरो जोन कर दिया गया। यानी तब तक इस रोड पर किसी भी वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी गई। इस रोड से आने-जाने वाले वाहनों को या तो अलग-अलग स्थानों पर रोक दिया गया या फिर दूरदराज की सड़कों से डायवर्ट कर दिया गया। 

इस दौरान कहीं स्कूली बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाए तो कहीं सैलानी होटलों में कैद होकर ही रह गए। कुछ जगह लोगों को घंटों तक भीषण गर्मी में सड़कों के किनारे खड़े होकर पसीना बहाना पड़ा तो कहीं बीमार लोग इलाज के लिए अस्पताल तक नहीं पहुंच पाए। ऐसे में जब पर्यटक सीजन जोरों पर हो और प्रशासन के पास न तो सड़कें बेहतर हों और न ही पर्याप्त पार्किंग तो माननीयों को सीजन में पर्यटन या धर्मस्थलों के दर्शन से बचना चाहिए। 

श्रद्धालुओं और सैलानियों का छूटा पसीना 
भवाली, भीमताल और हल्द्वानी में पर्यटन सीजन के बीच बृहस्पतिवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ परिवार के साथ बृहस्पतिवार को कैंची धाम पहुंचे थे। उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सड़क पर यातायात पूरी तरह बंद होने के चलते स्कूली बच्चों, सैलानियों, श्रद्धालुओं, व्यापारियों के साथ कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हल्द्वानी में नैनीताल रोड पर लंबा जाम लगा रहा और वाहन सड़कों पर घंटों रेंगते रहे। भीषण गर्मी में लोगों को घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ा। वाहनों की कतारें नैनीताल रोड, वर्कशॉप लाइन, मुखानी मार्ग तक लगी रहीं। 

ऐसे समझतें दिक्कतें
  • रानीबाग, भीमताल, भवाली, कैंची, खैरना और गरमपानी से आवाजाही करने वाले यात्री और सैलानी वीवीआईपी कार्यक्रम के खत्म होने तक जाम में फंसे रहे।
  • कैंची धाम में दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही नहीं होने देने से श्रद्धालु भी गर्मी में परेशान दिखे।
  • श्रद्धालु पुलिस कर्मियों और अधिकारियों से उनके वाहनों को कैंची धाम से निकलने की अनुमति देने की मांग करते रहे।
  • श्रद्धालुओं की पुलिस कर्मियों के साथ बहस भी हुई लेकिन पुलिस कर्मियों ने वीवीआईपी कार्यक्रम होने के चलते आवाजाही सुचारू नहीं की।
  • लखनऊ से कैंची धाम आए संतोष सिंह, प्रेरणा सिंह ने कहा कि पर्यटन सीजन में वीवीआईपी लोगों को मंदिर और पर्यटन स्थल नहीं आना चाहिए।
  • भीमताल में भी बहुत से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं ले जा पाए। इससे अभिभावक नाराज दिखे। सैलानी भी बोटिंग नहीं कर पाए।
  • स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि वीवीआईपी कार्यक्रम के चलते पर्यटन कारोबार प्रभावित रहा।
  • फ्लीट आने-जाने के दौरान रोका ट्रैफिक, एक-एक घंटे धूप में इंतजार करना पड़ा
  • हल्द्वानी में जाम की स्थिति उस समय भयावह हो गई जब उपराष्ट्रपति का काफिला कैंची धाम के लिए निकला, वहां से दोबारा हल्द्वानी आर्मी कैंट पहुंचा।
  • नवाबी रोड, नैनीताल रोड, गौलापार बाइपास और भीमताल तिराहे से दो गांव तक जाम लगा रहा। यात्रियों, पर्यटक और स्थानीय लोग परेशान रहे। दोपहिया वाहन चालकों को 41 डिग्री तापमान में धूप में एक घंटा खड़ा रहना पड़ा। कई महिलाओं को धूप के कारण चक्कर भी आ गए।
  • उपराष्ट्रपति के दौरे के कारण पुलिस ने नैनीताल रोड को जीरो जोन बना दिया था। इस कारण नैनीताल जाने वाली बसों का संचालन दो घंटे बंद रहा।

आरएसएस पदाधिकारी और पुलिसकर्मियों में हुई तीखी बहस
हल्द्वानी में रूट डायवर्जन के दौरान एक आरएसएस कार्यकर्ता की पुलिस से बहस हो गई। मामला काठगोदाम चौकी तक पहुंच गया। सूचना पर भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ता चौकी पहुंच गए। चौकी में वार्ता के बाद मामला निपट गया। बृहस्पतिवार सुबह आरएसएस पदाधिकारी अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। भीमताल तिराहे पर पुलिस ने ट्रैफिक रोका था। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही से किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि मामला खींचतान पर पहुंच गया। पुलिसकर्मी ने पदाधिकारी की गाड़ी को कब्जे में लेकर थाने जाने को कहा। संघ पदाधिकारी ने अपने साथियों को सूचना दी। देखते ही देखते काठगोदाम चौकी में भाजपा नेताओं का मजमा लग गया। काफी देर तक हंगामा और बातचीत का सिलसिला चलता रहा लेकिन बात नहीं बनी। मामला पुलिस अफसरों तक पहुंचा। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों में समझौता कर विवाद निपटाया गया।

सड़क पर रखे पत्थर
भवाली में उपराष्ट्रपति के बृहस्पतिवार को कैंचीधाम भ्रमण के लिए क्रैश बैरियर सही करने के बजाय भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर निगलाट क्षेत्र में एनएच ने सड़क किनारे पत्थर रख दिए। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने एनएच की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने कहा कि उक्त मार्ग से आला अधिकारी गुजरे लेकिन किसी ने भी विभागीय अधिकारियों को इस बारे में दिशा- निर्देश देने की जहमत नहीं उठाई। लोगों ने कहा कि विभाग को क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर को सही कराने को निर्देश दिए जाएं, ताकि कैंची मेले के दिन उक्त स्थानों पर कोई हादसा न हो।

दौरे के चलते सड़कें हुईं ठीक, भरे गड्ढे
रानीबाग-भीमताल रोड को लोनिवि ने उपराष्ट्रपति के कैंची दौरे से चंद घंटे पहले ही सुधार दिया। रोड पर बुधवार रात उन सभी छोटे-बड़े गड्ढों को भर दिया गया जिनमें अब तक आम यात्री हिचकोले खा रहे थे। पिछले वर्षों के दौरान भीमताल रानीबाग रोड में यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को दिक्कतें हो रही थी। बुधवार को जैसे ही लोनिवि के अधिकारियों को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कैंची धाम पहुंचने की सूचना मिली तो विभागीय अधिकारियों ने रातोंरात रानीबाग-भीमताल रोड पर सलड़ी, क्वैराली, बोहराकून, भीमताल के अलावा भीमताल-भवाली रोड और भवाली-कैंची रोड के गड्ढों को डामर से पाट दिया।

दो घंटे बसें नहीं चलने से यात्री परेशान

  • रोडवेज की जौरासी, गोलूछीना और बागेश्वर की बसें भी दो घंटे बाद रोडवेज बस अड्डे से रवाना हुई। इससे दूर-दराज जाने वाले यात्री परेशान रहे।
  • नैनीताल ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी भी हुए परेशान, एआरएम सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि दो घंटे बसों का संचालन बंद रखा गया।
  • नैनीताल से हल्द्वानी चलने वाली रोडवेज बस का संचालन नैनीताल से वाया कालाढूंगी होते हुए हल्द्वानी के लिए किया गया। स्टेशन इंचार्ज डीएन जोशी ने बताया कि इस कारण यात्रियों से 50 रुपये प्रतिसवारी के हिसाब से अतिरिक्त वसूला गया।
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