उत्तराखंड हाईकोर्ट का अहम आदेश: आउटसोर्स कर्मचारी को पद से न हटाने के निर्देश, सरकार से मांगा जवाब
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वरिष्ठ प्रबंधक-आईटी के पद पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल उन्हें पद से न हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वरिष्ठ प्रबंधक-आईटी के पद पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल उन्हें उनके पद से ना हटाने के निर्देश देते हुए राज्य सरकार सहित अन्य पक्षकारों को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी पंकज कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह वर्ष 2011 से अलग-अलग आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से वरिष्ठ प्रबंधक-आईटी के रूप में कार्य कर रहे हैं। संबंधित प्राधिकरण ने 7 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। आदेश में याचिकाकर्ता के खिलाफ कुछ आरोप भी लगाए गए थे। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनके खिलाफ की गई शिकायत उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई और ना ही उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वहीं प्रतिवादी पक्ष की ओर से कहा गया कि उनके खिलाफ कुछ शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष ने स्वीकार किया कि फिलहाल शिकायतों की सच्चाई और विश्वसनीयता की जांच नहीं की गई है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि शिकायतों की सत्यता की जांच किए बिना इतने वर्षों से काम कर रहे व्यक्ति के खिलाफ कठोर निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को वरिष्ठ प्रबंधक-आईटी के रूप में कार्य करने से नहीं रोका जाएगा और उन्हें पहले की तरह नियमित रूप से देय पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर 2026 की तिथि नियत की।