{"_id":"7df4bd318067fa1c43d951cd2b3bb51e","slug":"uttarakhand-school-education-board-declared-the-test-program-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने घोषित किया परीक्षा कार्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने घोषित किया परीक्षा कार्यक्रम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर (नैनीताल)।
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट का परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। परीक्षाएं तीन मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेंगी। तीन मार्च से इंटर और चार मार्च से हाईस्कूल की परीक्षाएं शुरू होंगी। इस वर्ष परीक्षा में कुल 301625 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इसके लिए प्रदेशभर में कुल 1317 केंद्र बनाए गए हैं।
विज्ञापन
बोर्ड सभागार में आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा करते हुए सभापति, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर ने संबंधित अधिकारियों को परीक्षा नकल विहिन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया बोर्ड परीक्षा 2016 में हाईस्कूल में 166579 और इंटरमीडिएट परीक्षा में 135046 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
विज्ञापन
परीक्षा मानकों के अनुसार बनाए गए 1317 केंद्रो में 145 संवेदनशील और 26 अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। पौड़ी जिले में सर्वाधिक 157 और चंपावत में सबसे कम 26 केंद्र बनाए गए हैं। बीते वर्ष से 13 केंद्र अधिक बनाए गए हैं। 29 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।
विज्ञापन
बैठक में परिषदीय सचिव डा. आरडी शर्मा, अपर सचिव वीपी सिमल्टी, अपर सचिव एके सिंह, संयुक्त सचिव बीएमएस रावत, डा नंदन सिंह नेगी, प्रधानाचार्य बीडी अंडोला, कुबेर सिंह कड़ाकोटी, विपिन चंद्र उप्रेेती, राजीव रावत आदि मौजूद थे।
बोर्ड द्वारा घोषित परीक्षा कार्यक्रम में इंटर स्तर पर अंग्रेजी विषय के छात्रों को सर्वाधिक सात दिन का समय दिया गया है। जबकि हाईस्कूल में सूचना प्रोद्योगिकी के छात्रों को सर्वाधिक सात दिन का ही समय मिलेगा। वहीं दूसरी ओर इंटर स्तर पर संस्कृत और इतिहास के विद्यार्थी को लगातार पेपर देने होंगे। जबकि हाईस्कूल में हिंदी व हिंदुस्तानी संगीत के छात्रों को लगातार परीक्षाएं देनी होंगी।
मूल्यांकन केंद्रों पर डिप्टी हेड बने शिक्षकों को अब कुछ अधिक जिम्मेदारी दे दी गई है। पिछले साल तक वे परीक्षकों द्वारा जांची गयी कापियों का आधा हिस्सा ही अंकेक्षित करते रहे, लेकिन अब उन्हें जांची गई सभी उत्तर पुस्तिकाओं को अंकन करना होगा।