फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Uttarakhand news: NOC required for heli service from Haldwani

Haldwani Heli Service: हल्द्वानी से हेली सेवा के लिए एनओसी की दरकार, इन तीन जिलों में उतरेंगे विमान

Sat, 03 Feb 2024 01:46 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 03 Feb 2024 01:46 PM IST
सार

यात्रियों और सैलानियों को हवाई सेवा की सुविधा देने के लिए कई योजना बनाई गई है, लेकिन कहीं हेली सेवा के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की एनओसी की दरकार है, तो कहीं पर हेलीड्रम के लिए वन भूमि का मामला सुलझना बाकी है।

विज्ञापन
Uttarakhand news: NOC required for heli service from Haldwani
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यात्रियों और सैलानियों को हवाई सेवा की सुविधा देने के लिए कई योजना बनाई गई है, लेकिन कहीं हेली सेवा के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की एनओसी की दरकार है, तो कहीं पर हेलीड्रम के लिए वन भूमि का मामला सुलझना बाकी है।

विज्ञापन

हल्द्वानी से उड़ान सेवा के अंतर्गत पिथौरागढ़, मुनस्यारी और चंपावत के लिए हेलीकाप्टर सेवा को शुरू किया जाना है, इसके लिए 19 जनवरी को गौलापार स्थित हैलीपेड में प्रशासन और हेली सेवा शुरू करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण भी किया। इसके बाद हैली पेड पर कुछ छिटपुट निर्माण आदि होने थे, उसे भी पूरा कर लिया गया है। पर अभी तक हेली सेवा शुरू नहीं हो सकी है। अब बताया जा रहा है कि हवाई सेवा के शुरू होने से पहले डीजीसीए से एनओसी की दरकार है, यह चारों जगह के लिए चाहिए होगी। इसके अलावा ट्रायल भी होना है, इसके बाद विधिवत सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो सकेगा।

विज्ञापन


ये पढ़ें- Uttarakhand: क्या आप जानते है नैनीताल से 12 किलोमीटर दूर इस जलकुंड के बारे में...क्यों बन रहा आकर्षण का केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम परितोष वर्मा का कहना है कि सभी कार्य हो चुके हैं, हेली सेवा को शुरू करने वाली संस्था को डीजीसीए की एनओसी की जरूरत है, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है, जल्द सेवा शुरू होगी।

वन भूमि हस्तांतरण की जरूरत
रामनगर में कार्बेट पार्क, सीताबनी कंजरवेशन रिजर्व में जैव विविधता को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यहां पर हेली सेवा को शुरू करने की योजना बनाई गई। इसके तहत दो साल पहले छोई में छह एकड़ में हेलीड्रम बनाने की योजना बनी है, पर हेली सेवा का शुरू होना दूर की बात है यहां पर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed