Haldwani Heli Service: हल्द्वानी से हेली सेवा के लिए एनओसी की दरकार, इन तीन जिलों में उतरेंगे विमान
यात्रियों और सैलानियों को हवाई सेवा की सुविधा देने के लिए कई योजना बनाई गई है, लेकिन कहीं हेली सेवा के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की एनओसी की दरकार है, तो कहीं पर हेलीड्रम के लिए वन भूमि का मामला सुलझना बाकी है।
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यात्रियों और सैलानियों को हवाई सेवा की सुविधा देने के लिए कई योजना बनाई गई है, लेकिन कहीं हेली सेवा के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की एनओसी की दरकार है, तो कहीं पर हेलीड्रम के लिए वन भूमि का मामला सुलझना बाकी है।
हल्द्वानी से उड़ान सेवा के अंतर्गत पिथौरागढ़, मुनस्यारी और चंपावत के लिए हेलीकाप्टर सेवा को शुरू किया जाना है, इसके लिए 19 जनवरी को गौलापार स्थित हैलीपेड में प्रशासन और हेली सेवा शुरू करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण भी किया। इसके बाद हैली पेड पर कुछ छिटपुट निर्माण आदि होने थे, उसे भी पूरा कर लिया गया है। पर अभी तक हेली सेवा शुरू नहीं हो सकी है। अब बताया जा रहा है कि हवाई सेवा के शुरू होने से पहले डीजीसीए से एनओसी की दरकार है, यह चारों जगह के लिए चाहिए होगी। इसके अलावा ट्रायल भी होना है, इसके बाद विधिवत सेवा शुरू होने का रास्ता साफ हो सकेगा।
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एसडीएम परितोष वर्मा का कहना है कि सभी कार्य हो चुके हैं, हेली सेवा को शुरू करने वाली संस्था को डीजीसीए की एनओसी की जरूरत है, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है, जल्द सेवा शुरू होगी।
वन भूमि हस्तांतरण की जरूरत
रामनगर में कार्बेट पार्क, सीताबनी कंजरवेशन रिजर्व में जैव विविधता को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यहां पर हेली सेवा को शुरू करने की योजना बनाई गई। इसके तहत दो साल पहले छोई में छह एकड़ में हेलीड्रम बनाने की योजना बनी है, पर हेली सेवा का शुरू होना दूर की बात है यहां पर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है।