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Uttarakhand News: DGP समेत सभी SSP को आठ वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश होने के निर्देश, जानिये मामला

Fri, 04 Jul 2025 12:31 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 04 Jul 2025 12:31 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने हरिद्वार के मंगलौर थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद के दौरान एक की मौत और सात अन्य घायल होने के मामले के आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। जानिये डीजीपी सहित सभी जिलों के एसएसपी क्या निर्देश दिए?

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Uttarakhand News: Instructions to all SSPs including DGP to appear in court through eight VCs
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार के मंगलौर थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद के दौरान एक की मौत और सात अन्य घायल होने के मामले के आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना की मामले की जांच सही नहीं हुई है। जिसके बाद कोर्ट ने डीजीपी सहित सभी जिलों के एसएसपी को आठ जुलाई को वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।

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न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हत्या के मामले में याचिकाकर्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर जमानत देने की मांग की थी। इस मामले में दोनों जांच अधिकारी वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए। सरकार की ओर से पेश की गई वीडियो क्लिप देखने के बाद कोर्ट ने पाया कि दोनों एफआईआर में चार्जशीट पेश की जानी थी। लेकिन एक एफआईआर में चार्जशीट व दूसरे में जांच अधिकारी ने एफआर लगा दी। जबकि मामला एक ही अपराध से जुड़ा हुआ है। जांच के लिए अलग-अलग जांच अधिकारी नियुक्त कर दिए गए। यदि एक ही जांच अधिकारी होता तो सही रिपोर्ट आती। दोनों की रिपोर्ट विरोधाभाषी हैं।
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इस पर कोर्ट ने माना कि जांच सही नहीं हुई है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौरभ पांडे ने कोर्ट को बताया कि अगर किसी कोर्ट से डिफाल्ट बेल हो जाती है तो जांच अधिकारी के खिलाफ एसीआर में एंट्री की जाती है और एक से अधिक मामलों में एक वर्ष में ऐसा हो जाता है तो जो उनका सालाना वेतन बढ़ता है उसे भी रोक दिया जाता है जिस कारण बिना पूर्व जांच किए भी मामलों में चार्जशीट फाईल कर दी जाती है।

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