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Haldwani: ड्रोन दीदी बनकर महिलाएं कर सकेंगी कमाई, कुमाऊं से हुआ महिला का चयन, दिल्ली में दी जा रही है ट्रेनिंग

Wed, 17 Jan 2024 12:40 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 17 Jan 2024 12:40 PM IST
सार

देशभर की 40 महिलाओं को नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए चुना गया है। इनमें कुमाऊं से एक महिला का चयन हुआ है। इन्हें दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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Uttarakhand News: A woman from Kumaon has been selected for Namo Drone Didi scheme
Namo Drone Didi scheme - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवा के लिए अब ड्रोन दीदी तैयार हो रही हैं। देश भर की 40 महिलाओं को नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए चुना गया है। इनमें कुमाऊं से एक महिला का चयन हुआ है। इन्हें दिल्ली में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आपात स्थिति और कम समय में दवाइयां और अन्य मेडिकल सुविधाएं जरुरतमंदों तक पहुंचाने के लिए कुमाऊं में भी ड्रोन आधारित मेडिकल सेवा शुरू होनी है। सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार की इस योजना के लिए चुना गया है। इसके पायलट प्रोजेक्ट के तहत सीएचसी कोटाबाग का चयन हुआ है, जहां से जांच के लिए सैंपल ड्रोन के जरिये मेडिकल कॉलेज तक पहुंचाएंगे। इसके लिए मेडिकल कॉलेज ने ड्रोन खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। 
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दूसरी ओर, इस योजना के तहत नमो ड्रोन दीदी फोर्स भी तैयार हो रही है। बीते नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की थी। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन उपलब्ध कराने की योजना है। वहीं ड्रोन सेवा से टेलीमेडिसिन कनेक्टिविट वाले क्षेत्रों को जोड़ा जाना है। मगर ड्रोन की जिम्मेदारी का काम महिलाओं को दिया जाना है। इसके लिए दिल्ली में देश की 40 महिलाओं की ट्रेनिंग हो रही है, इसमें हल्द्वानी से भी एक ड्रोन दीदी का चुना गया है।
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उन्हें ड्रोन तकनीक के साथ ही इसके उपयोग, सामान रखने आदि की ट्रेनिंग दी जा रही है। जिस पहाड़ी से स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयां भेजी जाएंगी, वहां ड्रोन से सामग्री उतारने या इस में चढ़ाने का काम महिलाएं ही करेंगी। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएचएसआरसी की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

 

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एनजीओ के माध्यम से महिलाओं का चयन हुआ है। देश भर से 40 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इनमें एक ड्रोन दीदी कुमाऊं से भी शामिल हैं। जल्द ही ड्रोन खरीद लिया जाएगा। उसके बाद ड्रोन आधारित मेडिकल सेवा का ट्रायल होगा।  -डा. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी

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