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Uttarakhand News: अपील लंबित रहने तक जीएसटी वसूली पर हाईकोर्ट की रोक, करदाताओं को राहत; ये दी हिदायत

Wed, 03 Sep 2025 10:00 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 03 Sep 2025 10:00 AM IST
सार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए जीएसटी करदाताओं को राहत प्रदान की है। 

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Uttarakhand High court stays GST collection till appeal is pending
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जीएसटी करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए कहा है कि यदि कोई व्यापारी या संस्था जीएसटी विवाद में निर्धारित समय सीमा के भीतर वैधानिक अपील दाखिल कर देती है और कानूनन तय दस प्रतिशत कर राशि जमा कर देती है, तो अपील के निपटारे तक विभाग शेष कर राशि की वसूली नहीं कर सकता। कोर्ट ने इस संबंध में जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया।

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मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामला मैसर्स राधा कृष्ण फर्म से जुड़ा है जिसका वर्ष 2017-18 में जीएसटी रिटर्न में आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के अंतर को लेकर विवाद हो गया। विभाग ने जांच के बाद फर्म पर 11.44 लाख रुपए कर और 1.14 लाख रुपए पेनल्टी मिलाकर 12.58 लाख रुपए की वसूली की मांग उठाई। फर्म ने इसके खिलाफ 6 अगस्त 2025 को वैधानिक अपील दाखिल करते हुए 10 फीसदी राशि 1.14 लाख रुपए जमा कर दी। फर्म का पक्ष था कि नोटिस की जानकारी उन्हें समय पर नहीं मिल पाई और इस कारण वे जवाब नहीं दे सके। अपील लंबित होने और आवश्यक जमा राशि जमा करने के बावजूद तहसीलदार ने 5 अगस्त 2025 को वसूली प्रमाण पत्र जारी कर दिया। फर्म ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

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कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि सीजीएसटी अधिनियम की धारा 107(6) में स्पष्ट प्रावधान है कि अपील के लंबित रहने पर शेष कर मांग की वसूली स्वतः स्थगित मानी जाएगी। ऐसे में विभाग द्वारा वसूली की कार्रवाई कानून सम्मत नहीं कही जा सकती। कोर्ट ने तहसीलदार की ओर से जारी वसूली आदेश को निरस्त करते हुए स्पष्ट किया कि अपील के अंतिम निर्णय के बाद ही पक्षकारों के अधिकार और दायित्व तय होंगे। कोर्ट ने साथ ही विभाग को भविष्य में ऐसे मामलों में सावधानी बरतने की हिदायत दी।

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