फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High Court orders to Government for verify teacher documents and submit report within two months

Uttarakhand: हाईकोर्ट सख्त, दो माह में शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश

Tue, 16 Jul 2024 10:34 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 16 Jul 2024 10:34 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने प्रगति रिपोर्ट पेश कर कहा कि प्रदेश के 80 प्रतिशत शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है। शेष 20 प्रतिशत के दस्तावेजों की जांच नहीं हुई है।

विज्ञापन
Uttarakhand High Court orders to Government for verify teacher documents and submit report within two months
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाइकोर्ट ने प्राइमरी और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति पाए गए साढ़े तीन हजार शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच पूरी कर सत्यापन रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए सरकार को मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने दो माह का वक्त दिया है।

विज्ञापन


सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने प्रगति रिपोर्ट पेश कर कहा कि प्रदेश के 80 प्रतिशत शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है। शेष 20 प्रतिशत के दस्तावेजों की जांच नहीं हुई है। क्योंकि इन 20 प्रतिशत शिक्षकों ने राज्य से बाहर के अन्य संस्थानों के दस्तावेज दर्शाएं। इसलिए इनकी जांच के लिए उन्हें समय दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष सरकार ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों पर नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी है। कुछ शिक्षकों ने इस कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
विज्ञापन


CM Dhami: भावुक हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैप्टन समेत चार जवानों की शहादत पर किया ट्वीट; ये लिखा

विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला

स्टूडेंट वेलफेयर सोसायटी हल्द्वानी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि राज्य के प्राइमरी और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में करीब साढ़े तीन हजार अध्यापक जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी तरीके से नियुक्त किए गए है। इनमें से कुछ अध्यापकों की एसआईटी जांच की गई, जिनमें खचेड़ू सिंह, ऋषिपाल, जयपाल के नाम सामने आए। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से इन्हें क्लीन चिट दे दी गई और ये अब भी कार्यरत हैं। संस्था ने इस प्रकरण की एसआईटी से जांच कराने के लिए कहा है। पूर्व में राज्य सरकार ने शपथपत्र पेश कर कहा था कि मामले की एसआईटी जांच चल रही है अभी तक 84 अध्यापक जाली दस्तावेजों के आधार पर फर्जी पाए गए हैं। उन पर विभागीय कार्यवाही चल रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed