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Uttarakhand: हाईकोर्ट सख्त, होर्डिंग-यूनिपोल की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश
Fri, 28 Jun 2024 09:50 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 28 Jun 2024 09:50 PM IST
सार
देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव थापर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि भाजपा के दस साल के कार्यकाल में 2013 से 2023 तक होर्डिंग व यूनिपोल के टेंडर प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं हुईं हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून नगर निगम में होर्डिंग और यूनिपोल की टेंडर प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं की जांच की मांग संबंधी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव थापर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि भाजपा के दस साल के कार्यकाल में 2013 से 2023 तक होर्डिंग व यूनिपोल के टेंडर प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताएं हुईं हैं जिससे नगर निगम को लगभग 300 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। याचिका में कहा गया कि 11 अगस्त 2023 को इसकी शिकायत मेयर व सचिव शहरी विकास से की गई थी।
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325 अवैध होर्डिंग की वसूली किसने की और कौन इनको बेच रहा है, शिकायत में इसकी जांच कराने की मांग की गई थी लेकिन अभी तक उनकी शिकायत पर नगर निगम और प्रशासन ने कोई निर्णय नहीं लिया, जबकि 2019 में नगर निगम ने एक कमेटी बनाकर इसका सर्वे कराया तो 325 होर्डिंग अवैध पाए गए थे। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।