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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने वन विभाग के अफसरों को अवमानना नोटिस भेजा, 28 अक्टूबर तक मांगा जवाब

Wed, 26 Aug 2026 12:03 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Wed, 26 Aug 2026 12:03 AM IST
सार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वन विभाग में 2014-15 से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन और ईपीएफ न देने के पुराने आदेशों का पालन न करने पर प्रिंसिपल सचिव और प्रमुख वन संरक्षक को अवमानना नोटिस जारी किया है। 

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Uttarakhand high court issues contempt notice to Forest Secretary and HoFF for ignoring wage-EPF order
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उतराखंड हाईकोर्ट ने वन विभाग में 2014-15 से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन और उनके ईपीएफ से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय के पूर्व के आदेशों का अनुपालन न करने को लेकर याचिका अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने उत्तराखंड वन विभाग के प्रिंसिपल सचिव और प्रमुख वन संरक्षक हॉफ को अवमानना नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 28 अक्टूबर की तिथि नियत की है। आज मामले की सुनवाई न्यायमूर्ती पंकज पुरोहित की एकएलपीठ में हुई।

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मामले के अनुसार वन विभाग में संविदा के पद पर तैनात अर्जुन सिंह व अन्य ने उच्च न्यायालय की एकलपीठ के 19 मार्च 2026 को आदेश का अनुपालन न करने के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर कहा कि कोर्ट के पूर्व के आदेश जिसमें कोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्तओं से दो हफ्ते के भीतर अपना प्रत्यावेदन सक्षम प्राधिकारी को देने और उसपर तीन महीने के भीतर उस पर विधि अनुसार निर्णय लेने को कहा था। तीन माह पूरे होने के बाद भी अभी तक उनके प्रत्यावेदन पर कोई आदेश पारित नहीं हुआ।

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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे साल 2014-15 से लगातार वन विभाग में काम कर रहे हैं। सरकार ने 16 अगस्त 2017 को एक शासनादेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि उपनल में काम कर रहे कर्मचारियों व आउटसोर्स एजेंसी के कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाएगा। एक ही काम करने के बावजूद उपनल के कर्मचारियों को ज्यादा सैलरी और सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि आउटसोर्स एजेंसी से लगे कर्मचारियों को कम वेतन पर काम कराया जा रहा है जो नियमावली के विरुद्ध है इसलिए उन्हें भी समान कार्य हेतु समान वेतन दिया जाय और अन्य लाभ भी दिए जाएं लेकिन कोर्ट के आदेश होने के बाद भी वन सचिव व हॉफ कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं कर रहे हैं इसलिए इनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही प्रारम्भ की जाय।

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