फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Uttarakhand High Court heard the case of land sale on stamp paper in haldwani

Nainital: स्टांप पेपर पर जमीन बिक्री के मामले में जवाब-तलब, HC के सरकार को निर्देश; आठ से दस लोगों पर कार्रवाई

Thu, 14 Mar 2024 02:12 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 14 Mar 2024 02:12 PM IST
सार

Uttarakhand High Court: नैनीताल हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में भू-माफियाओं की ओर से रेलवे, नजूल भूमि सहित वन भूमि को खुर्द बुर्द कर दस व सौ रुपये के स्टांप पेपर में बेचे जाने के मामले पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। 

विज्ञापन
Uttarakhand High Court heard the case of land sale on stamp paper in haldwani
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में भू-माफियाओं की ओर से रेलवे, नजूल भूमि सहित वन भूमि को खुर्द बुर्द कर दस व सौ रुपये के स्टांप पेपर में बेचे जाने के मामले पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद नौ अप्रैल तक राज्य सरकार को शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर कहा गया कि इस संबंध में उनके द्वारा आठ से दस लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई है।

विज्ञापन

मुख्य न्यायाधीश ऋतु बाहरी एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी हितेश पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी के गफूर बस्ती में रेलवे की भूमि, गौलापार गौजाजाली स्थित वन विभाग व राजस्व की भूमि को भू-माफियाओं द्वारा सौ और पांच सौ रुपये के स्टांप पेपर पर बेच दिया गया है। जिन लोगों को यह भूमि बेची गयी वे लोग उत्तराखंड के स्थायी निवासी नही है। ये लोग रोजगार के लिए यहां आए थे। याचिका में कहा कि कुछ ही समय बाद ही सीएससी सेंटर में इनके वोटर आईडी तक बन गए।

विज्ञापन


ये पढ़ें- Exclusive: हीरानगर और मुखानी के आठ हजार घरों में उपकारागार जेल से मिलेगी गैस, कैप्सूल से होगा वितरण

विज्ञापन
विज्ञापन

जब इसकी शिकायत प्रशासन, मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई तो याचिकाकर्ता को जान माल की धमकी तक भू-माफियाओं के द्वारा दी गई। जनहित याचिका में कहा गया कि ये लोग उत्तराखंड के स्थायी निवासी नही है। राज्य सरकार इन लोगों पर लाइट, पानी, स्कूल व हॉस्पिटल के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर रही है। जिसका भार स्थाई लोगो पर पड़ रहा है। जिसकी वजह से स्थाई लोगों को सरकार की योजनाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि इस मामले की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से की जाए। इनके सभी दस्तावेजों की जांच की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed