फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Uttarakhand High Court cancels appointment of Ptcul Managing Director asks to make alternative arrangements

Uttarakhand: हाईकोर्ट ने पिटकुल प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की रद्द, वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहा

Wed, 18 Feb 2026 10:51 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 18 Feb 2026 10:51 PM IST
सार

पिटकुल में चीफ इंजीनियर लेवल-1 राजीव गुप्ता सहित अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कंपनी के वरिष्ठ इंजीनियर गुप्ता ने 10 सितंबर 2022 के आदेश से प्रकाश चंद्र ध्यानी को प्रबंधक निदेशक के पद पर अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को चुनौती दी थी।

विज्ञापन
Uttarakhand High Court cancels appointment of Ptcul Managing Director asks to make alternative arrangements
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) प्रबंध निदेशक अतिरिक्त प्रभार) प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति को रद्द कर दिया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति आशीष नैथानी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार पिटकुल में चीफ इंजीनियर लेवल-1 राजीव गुप्ता सहित अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कंपनी के वरिष्ठ इंजीनियर गुप्ता ने 10 सितंबर 2022 के आदेश से प्रकाश चंद्र ध्यानी को प्रबंधक निदेशक के पद पर अतिरिक्त प्रभार दिए जाने को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि नियमित चयन प्रक्रिया लंबित होने के कारण सबसे वरिष्ठ होने के नाते इस पद का प्रभार उन्हें दिया जाना चाहिए था। उत्तराखंड चयन एवं नियुक्ति ऑफ मैनेजिंग डायरेक्टर एंड डायरेक्टर्स प्रक्रिया निर्धारण नियम 2021 के नियम 9-ए के अनुरूप ध्यानी के पास पद के लिए आवश्यक इंजीनियरिंग स्नातक डिग्री योग्यता का अभाव है।
विज्ञापन


खंडपीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि ध्यानी की नियुक्ति नियम 9-ए का उल्लंघन है। मामले में यह तथ्य रखा गया कि 2021 के नियमों में प्रबंध निदेशक की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य है, जब तक कि नियम में दी गई किसी छूट को कानूनी तरीके से लागू न किया गया हो। इस मामले में सरकार यह स्पष्ट और कानूनी रूप से साबित नहीं कर पाई कि नियुक्ति करते समय रूल 9ए में दी गई छूट का सही तरीके से उपयोग किया गया था। रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस और तर्कसंगत कारण मौजूद नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आवश्यक योग्यता के बराबर किसी अन्य योग्यता को स्वीकार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


High Court: आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में प्रमाण जरूरी, अन्य धाराओं के मामले में एफआईआर रद्द

इसी कारण यह नियुक्ति कानून के अनुरूप नहीं है और वैध नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को यह स्वतंत्रता है कि वह इस विषय पर दोबारा विचार करे तो उसे 2021 के नियमों का पालन करना होगा। यदि सरकार फिर से नियम के तहत छूट का सहारा लेती है तो उसे वस्तुनिष्ठ और दस्तावेज आधार पर निर्णय लेना होगा और यह स्पष्ट करना होगा कि योग्यता को कैसे समकक्ष माना गया। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि उसने प्रतिवादी की योग्यता, क्षमता, नेतृत्व या उपयुक्तता पर कोई टिप्पणी नहीं की है। नई नियुक्ति पर निर्णय होने तक, राज्य सरकार कानून के अनुसार अस्थायी व्यवस्था कर सकती है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed