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Uttarakhand: हाईकोर्ट ने सरकार से आउटसोर्स, संविदा और दैनिक कार्मिकों का डाटा मांगा, तीन हफ्ते का दिया समय

Sat, 16 Mar 2024 01:14 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Sat, 16 Mar 2024 01:14 PM IST
सार

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आउटसोर्स, संविदा कर्मियों की याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने सरकार से सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों व आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगे कर्मचारियों की लिस्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।

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Uttarakhand High Court asked for data of outsourced, contract and daily workers from the government
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने वन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को न्यूनतम वेतनमान देने व उन्हें नियमित करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स, संविदा व दैनिक वेतन कर्मचारियों का डाटा एकत्र कर तीन सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है, ताकि इन कार्मिकों के हित के लिए कोई योजना बनाई जा सके। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए मई माह की तिथि नियत की है।

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मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।मामले के अनुसार वन विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह पिछले कई वर्षों से विभाग में कार्यरत है। उन्हें न तो नियमित किया जा रहा और न ही न्यूनतम वेतनमान दिया जा रहा।

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पूर्व में एकलपीठ ने उनके हित में फैसला देते हुए कहा था कि उन्हें न्यूनतम वेतन व नियमित किया जाए। लेकिन सरकार ने इस आदेश को खंडपीठ में चुनौती देते हुए कहा कि उनके पास यह पद स्वीकृत नहीं हैं और न ही सरकार के पास इन्हें न्यूनतम वेतन देने के लिए बजट है। इसलिए एकलपीठ के आदेश को निरस्त किया जाय। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों व आउट सोर्स के माध्यम से लगे कर्मचारियों की लिस्ट पेश करें। ताकि उनके भविष्य के लिए कोई नीति बनाई जा सके।

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