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शिप्रा की धारा मोड़ने पर दो ग्राम सभाओं के बीच हंगामा
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गरमपानी (नैनीताल)। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद शिप्रा नदी का तेज वेग इस बार आबादी क्षेत्र के मकानों की ओर बहने से भारी तबाही मची है। खैरना के मकानों पर अब भी शिप्रा नदी का खतरा मंडरा रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने कोश्याकुटौली के एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट से नदी का रुख दूसरी ओर मोड़ने की मांग की तो शुक्रवार को पौकलैंड मशीन शिप्रा नदी में उतर गई। इस पर डोबा के ग्रामीण भड़क गए। शिप्रा नदी किनारे पहुंचे और नदी का रुख मोड़ने का काम रुकवा दिया। दोपहर में खैरना और छड़ा खैरना के ग्रामीणों में काफी कहासुनी हो गई।
डोबा के ग्रामीणों का कहना है आपदा में उनकी काफी जमीन शिप्रा के वेग में बह गई है। नदी का रुख खेतीबाड़ी वाली जमीन की तरफ करने से उनकी खेतीबाड़ी और ज्यादा प्रभावित होगी। दोनों ग्राम सभाओं में काफी हंगामा होने के बाद जब आपसी सहमति नहीं बनी तो डोबा के ग्रामीण दोपहर में एसडीएम कोश्याकुटौली रवींद्र सिंह बिष्ट को अपनी समस्या बताई। एसडीएम ने दोनों ग्राम सभा का हल निकालने के लिए नदी के बीच से रुख मोड़ने पर डोबा के ग्रामीण सहमत हुए। शाम को दोबारा को पैकलैंड मशीन शिप्रा नदी में लगाते ही डोबा के ग्रामीणों और खैरना के ग्रामीणों में झड़प होने लगी। तहसील से पहुंचे नायब नाजीर महफूज हसन ने दोनों ग्राम सभाओं के लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। नदी का रुख बीचों बीच किए जाने के बाद लोग मान गए।
इस दौरान ग्राम प्रधान प्रेमनाथ गोस्वामी, शंकर नाथ गोस्वामी, सुरेश सिंह, भैरव नैनवाल, गोविंद सिंह, शिवराज सिंह बिष्ट, भूपेश बिष्ट, डोबा सरपंच दीप चंद्र त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह, भुवन बिष्ट, कुन्दन सिंह, पंकज बिष्ट आदि मौजूद थे।
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एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि दोनों ग्राम सभाओं के दोनों ओर आने वाले समय मजबूत तटबंद बनाए जाएंगे। फिलहाल दोनों ग्राम सभाओं की समस्या को देखते हुए शिप्रा नदी का रुख बीच से मोड़ा जा रहा है।
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डोबा के ग्रामीणों का कहना है आपदा में उनकी काफी जमीन शिप्रा के वेग में बह गई है। नदी का रुख खेतीबाड़ी वाली जमीन की तरफ करने से उनकी खेतीबाड़ी और ज्यादा प्रभावित होगी। दोनों ग्राम सभाओं में काफी हंगामा होने के बाद जब आपसी सहमति नहीं बनी तो डोबा के ग्रामीण दोपहर में एसडीएम कोश्याकुटौली रवींद्र सिंह बिष्ट को अपनी समस्या बताई। एसडीएम ने दोनों ग्राम सभा का हल निकालने के लिए नदी के बीच से रुख मोड़ने पर डोबा के ग्रामीण सहमत हुए। शाम को दोबारा को पैकलैंड मशीन शिप्रा नदी में लगाते ही डोबा के ग्रामीणों और खैरना के ग्रामीणों में झड़प होने लगी। तहसील से पहुंचे नायब नाजीर महफूज हसन ने दोनों ग्राम सभाओं के लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। नदी का रुख बीचों बीच किए जाने के बाद लोग मान गए।
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इस दौरान ग्राम प्रधान प्रेमनाथ गोस्वामी, शंकर नाथ गोस्वामी, सुरेश सिंह, भैरव नैनवाल, गोविंद सिंह, शिवराज सिंह बिष्ट, भूपेश बिष्ट, डोबा सरपंच दीप चंद्र त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह, भुवन बिष्ट, कुन्दन सिंह, पंकज बिष्ट आदि मौजूद थे।
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एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि दोनों ग्राम सभाओं के दोनों ओर आने वाले समय मजबूत तटबंद बनाए जाएंगे। फिलहाल दोनों ग्राम सभाओं की समस्या को देखते हुए शिप्रा नदी का रुख बीच से मोड़ा जा रहा है।