हल्द्वानी: यूपीआई से किया केले का 30 रुपये भुगतान, खाते से उड़ गए 2.21 लाख रुपये गायब; तीन मामले दर्ज
हल्द्वानी में यूपीआई से केले का 30 रुपये का भुगतान करने पर एक व्यक्ति के खाते से 2.21 लाख रुपये गायब हो गए। मुखानी कोतवाली में साइबर ठगी के तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
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हल्द्वानी शहर के मुखानी कोतवाली क्षेत्र में रिटायर्ड फौजी साइबर ठगी का शिकार हो गए। केले खरीदने के लिए यूपीआई से भुगतान करने के कुछ देर बाद ही उनके बैंक खातों से 2.21 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
कमलुवागांजा निवासी आनंद सिह बोरा ने दर्ज प्राथमिकी में कहा कि 12 सितंबर को वह दवा लेने के लिए ईएससीएचएस आर्मी छावनी गए थे। वहां से लौटने के बाद पूर्वाह्न 11:30 बजे उन्होंने नैनीताल बैंक मुखानी के पास फल वाले से केले खरीदे और यूपीआई से 30 रुपये अदा किए। दोपहर करीब 12:30 बजे उन्होंने घर पहुंचकर बैंक खाता जांचा तो उनके होश उड़ गए। दो खातों में 175 रुपये और 385 रुपये शेष थे। घबराए आनंद सिह बोरा कुसुमखेड़ा स्थित बैंक पहुंचे लेकिन बैंक बंद था। इस पर उन्होंने साइबर अपराध शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराई। बोरा के अनुसार साइबर ठगों ने एक घंटे में उन्हें चपत लगा दी।
महिला को दिया झांसा, आरडी पूरी होने से पहले निकाले 1.22 लाख
महिला के आरडी खाते से 1.22 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने महिला से जानकारी जुटाकर आरडी की राशि समय से पहले ही निकाल ली। ममता जोशी निवासी आरटीओ रोड ने मुखानी कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि उनकी रामनगर के एक बैंक की आरडी की परिपक्वता अवधि चार से सात सितंबर 2026 के बीच थी लेकिन 14 अगस्त को ही यह राशि निकाल ली गई। जोशी ने बताया कि साइबर ठग ने केवाईसी के बहाने उनसे जानकारी जुटा ली। 14 सितंबर को जब वह बैंक पहुंची तो उन्हें ठगी का पता चला।
क्रेडिट कार्ड से 1.44 लाख की साइबर ठगी
कमलुवागांजा निवासी दीपक चंद्र के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने 1.44 लाख रुपये उड़ा लिए। मुखानी कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में दीपक ने कहा कि 13 सितंबर को उनके क्रेडिट कार्ड से 97855 रुपये निकाले गए। इसके अगले दिन भी दो बार में 40 हजार और सात हजार रुपये निकाल लिए गए।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। पुलिस भी अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है। किसी भी सूरत में ओटीपी, पिन और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी कभी शेयर न करें। - मनोज कत्याल, एसपी सिटी