{"_id":"639763d217477b2f10132de9","slug":"uou-receiving-president-s-award-is-a-big-achievement-vice-chancellor-haldwani-news-hld4850367164","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: यूओयू को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना बड़ी उपलब्धि- कुलपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: यूओयू को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना बड़ी उपलब्धि- कुलपति
विज्ञापन
हल्द्वानी यूओयू में प्रेसवर्ता करते कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी। अमर उजाला
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी ने कहा कि विवि को राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना बड़ी उपलब्धि है। इस वर्ष विवि को नैक की मान्यता भी मिल गई है। एमबीए, एमसीए, टूरिज्म कोर्स को एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन) की पांच वर्ष की मान्यता मिल गई है। पत्रकारों से बातचीत में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय हर क्षेत्र में उपलब्धि हासिल कर रहा है। विवि ने 17 वर्षों में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में विवि में विशेष शिक्षा विभाग की स्थापना की गई। यूओयू राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय है जो कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। वर्ष 2018 में नवीन यूजीसी रेगुलेशन अस्तित्व में आने के बाद कई अध्ययन केंद्र बंद करने पड़े और विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम का संचालन रोकना पड़ा। वर्ष 2019 में बीएड विशेष शिक्षा के अधिगम अक्षमता और मानसिक मंदता से संबंधित पाठ्यक्रम की नई मान्यता यूजीसी से ली गई। बीएड विशेष शिक्षा में वर्ष 2019 में 221 और 2020 में 240 विद्यार्थी नामांकित रहे।
विवि की ओर से वर्ष 2019 से वर्ष 2022 तक कुल 1000 से अधिक विशेष शिक्षकों को दिव्यांगजनों के लिए पुनर्वास पेशेवरों के रूप में विकसित करने का कार्य किया है। इसके आधार पर भारत सरकार ने 800 से अधिक कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों के बीच में से उत्तराखंड मुक्त विद्यालय को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. रश्मि पंत, अकादमिक निदेशालय के निदेशक प्रो. आरसी मिश्र, प्रो. एके नवीन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में विवि में विशेष शिक्षा विभाग की स्थापना की गई। यूओयू राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय है जो कि दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है। वर्ष 2018 में नवीन यूजीसी रेगुलेशन अस्तित्व में आने के बाद कई अध्ययन केंद्र बंद करने पड़े और विश्वविद्यालय में पाठ्यक्रम का संचालन रोकना पड़ा। वर्ष 2019 में बीएड विशेष शिक्षा के अधिगम अक्षमता और मानसिक मंदता से संबंधित पाठ्यक्रम की नई मान्यता यूजीसी से ली गई। बीएड विशेष शिक्षा में वर्ष 2019 में 221 और 2020 में 240 विद्यार्थी नामांकित रहे।
विज्ञापन
विवि की ओर से वर्ष 2019 से वर्ष 2022 तक कुल 1000 से अधिक विशेष शिक्षकों को दिव्यांगजनों के लिए पुनर्वास पेशेवरों के रूप में विकसित करने का कार्य किया है। इसके आधार पर भारत सरकार ने 800 से अधिक कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों के बीच में से उत्तराखंड मुक्त विद्यालय को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. रश्मि पंत, अकादमिक निदेशालय के निदेशक प्रो. आरसी मिश्र, प्रो. एके नवीन मौजूद रहे।
विज्ञापन