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Nainital News: दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए यूओयू को सर्वश्रेष्ठ संगठन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला
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राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के हाथों से पुरस्कार ग्रहण करते यूओयू के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी।
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए सर्वश्रेष्ठ संगठन के रूप में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के मौके पर शनिवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में विवि के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पुरस्कार प्रदान किया।
कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से किया गया था। कुलपति प्रो. नेगी ने बताया कि पुनर्वास पेशेवरों के विकास में संलग्न सर्वश्रेष्ठ संगठन के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह पुरस्कार मिला। इसके लिए देशभर के 844 संस्थानों (संगठनों) ने आवेदन किया था। विवि 2015 से विशिष्ट शिक्षा में बीएड संचालित कर रहा है। अब तक लगभग 700 छात्र डिग्री ले चुके हैं और लगभग 900 अध्ययनरत हैं। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय राज्य का अकेला शिक्षण संस्थान है जो दिव्यांगजनों के लिए विशिष्ट शिक्षक तैयार कर रहा है। अगले सत्र से सांकेतिक भाषा और ब्रेल लिपि में पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी चल रही है। यहां के पाठ्यक्रमों में देश के कई प्रांतों केरल, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश के छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है। इस दिन को विश्वविद्यालय के लिए स्वर्णिम दिवस के रूप में माना जाएगा। उनके साथ विशिष्ट शिक्षा के समन्वयक डॉ. सिद्धार्थ पोखरियाल उपस्थित रहे। इधर, राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की है।
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कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से किया गया था। कुलपति प्रो. नेगी ने बताया कि पुनर्वास पेशेवरों के विकास में संलग्न सर्वश्रेष्ठ संगठन के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह पुरस्कार मिला। इसके लिए देशभर के 844 संस्थानों (संगठनों) ने आवेदन किया था। विवि 2015 से विशिष्ट शिक्षा में बीएड संचालित कर रहा है। अब तक लगभग 700 छात्र डिग्री ले चुके हैं और लगभग 900 अध्ययनरत हैं। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय राज्य का अकेला शिक्षण संस्थान है जो दिव्यांगजनों के लिए विशिष्ट शिक्षक तैयार कर रहा है। अगले सत्र से सांकेतिक भाषा और ब्रेल लिपि में पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी चल रही है। यहां के पाठ्यक्रमों में देश के कई प्रांतों केरल, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, जम्मू कश्मीर, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश के छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
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कुलपति ने कहा कि यह बड़ी उपलब्धि है। इस दिन को विश्वविद्यालय के लिए स्वर्णिम दिवस के रूप में माना जाएगा। उनके साथ विशिष्ट शिक्षा के समन्वयक डॉ. सिद्धार्थ पोखरियाल उपस्थित रहे। इधर, राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की है।
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