स्थायी राजधानी, शराबबंदी को लेकर गैरसैंण पदयात्रा शुरू
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नैनीताल। नशा नहीं रोजगार दो तथा सूबे की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को नैनीताल से गैरसैंण के लिए पदयात्रा शुरू हो गई है। पूर्व सांसद पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल सिंह ने पदयात्रा को रवाना किया। इससे पूर्व गांधी चौक पर हुई सभा में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नेता, अन्ना आंदोलन के प्रमुख आंदोलनकारी प्रवीण सिंह ने कहा कि राज्य आंदोलन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की भी प्रमुख मांग थी लेकिन राज्य बनने के बाद इस मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके खिलाफ पदयात्रा निकाली जा रही है। सात दिसंबर को गैरसैंण में रैली निकाल कर आमरण अनशन करेंगे। यह आंदोलन स्थायी राजधानी बनने तक जारी रहेगा। सभा को वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह, उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, डॉ. उमा भट्ट आदि ने संबोधित किया। वहां केडी जोशी, बीके नौटियाल, महेश जोशी, चंदन सिंह बिष्ट, डॉ. शीला रजवार, पूरन उप्रेती, रितु जोशी, सावित्री जंतवाल, आदेश चौधरी, अरविंद हटवाल, रामकिशन तिवारी आदि थे।
पद यात्री घर-घर से भोजन मांग कर खाएंगे
नैनीताल। शराब नही रोजगार दो, गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग को लेकर निकाली जा रही पदयात्रा में प्रवीण के अलावा आदेश चौधरी, अरविंद हटवाल, रामकिशन तिवारी आदि शामिल हैं। यात्रा के दौरान अन्य लोगों को भी जोड़ा जाएगा। आंदोलन को सफल बनाने के लिए पद यात्री घर-घर से मांग कर भोजन करेंगे और चंदा भी जुटाएंगे। यह पदयात्रा कुमाऊं, गढ़वाल के तीन जिलों नैनीताल, भवाली, रामगढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, गरुड़, सोमेश्वर, द्वाराहाट, चौखुटिया होकर छह दिसंबर को गैरसैंण पहुंचेगी। सात दिसंबर को गैरसैंण में रैली निकाल कर वहां सामूहिक आमरण अनशन किया जाएगा। ब्यूरो