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फिर होगी अल्ट्रासाउंड की दिक्कत, असिस्टेंट प्रोफेसर का इस्तीफा मंजूर
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले सुशीला तिवारी अस्पताल में अल्ट्रासांउड प्रभावित होने वाले हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि रेडियोजॉली विभाग की एक मात्र असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रगति वर्मा का इस्तीफा सोमवार को मंजूर हो गया। हालांकि राहत वाली खबर यह है कि विभागाध्यक्ष ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
रेडियोलॉजी विभाग विवादों के कारण हमेशा चर्चा में रहता है। वर्ष 2019 में विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रगति वर्मा ने इस्तीफा दे दिया था। डॉ. वर्मा ने कई गंभीर आरोप लगाए थे साथ ही काम न दिए जाने की बात कही थी। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने डॉ. वर्मा और रेडियोलाजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज महेश के बीच विवाद खत्म करा दिया था। साथ ही डॉ. वर्मा का इस्तीफा वापस करा दिया था। फरवरी उन्होंने एक महीने का नोटिस देते हुए इस्तीफा दे दिया। अब प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि डॉ. महेश ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है।
बता दें कि रेडियोलॉजी विभाग की मान्यता मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया पहले ही खत्म कर चुका है और पीजी की दो सीटें भी खत्म हो गई हैं। विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट तक की कमी चल रही है।
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व्यावसायिक मद में बजट की करेंगे मांग
सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सात सौ उपनल कर्मी को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण कर्मियों के आगे त्योहार मनाने का संकट है साथ ही दो जून की रोटी का संकट भी हो रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का कहना है कि शासन से व्यावसायिक मद में अधिक बजट मांगा जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट अधिक मिलने से वेतन का संकट नहीं होगा।
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रेडियोलॉजी विभाग विवादों के कारण हमेशा चर्चा में रहता है। वर्ष 2019 में विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रगति वर्मा ने इस्तीफा दे दिया था। डॉ. वर्मा ने कई गंभीर आरोप लगाए थे साथ ही काम न दिए जाने की बात कही थी। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने डॉ. वर्मा और रेडियोलाजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज महेश के बीच विवाद खत्म करा दिया था। साथ ही डॉ. वर्मा का इस्तीफा वापस करा दिया था। फरवरी उन्होंने एक महीने का नोटिस देते हुए इस्तीफा दे दिया। अब प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि डॉ. महेश ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है।
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बता दें कि रेडियोलॉजी विभाग की मान्यता मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया पहले ही खत्म कर चुका है और पीजी की दो सीटें भी खत्म हो गई हैं। विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर रेजीडेंट तक की कमी चल रही है।
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व्यावसायिक मद में बजट की करेंगे मांग
सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत सात सौ उपनल कर्मी को तीन माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने के कारण कर्मियों के आगे त्योहार मनाने का संकट है साथ ही दो जून की रोटी का संकट भी हो रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का कहना है कि शासन से व्यावसायिक मद में अधिक बजट मांगा जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट अधिक मिलने से वेतन का संकट नहीं होगा।